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अन्य मंदिरों से भी मुस्लिम कर्मचारियों को हटाया जाए!

श्री शनिशिंगणापुर मंदिर में मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा पवित्र चबूतरे पर ग्रिल लगाने की घटना के कारण हिंदू समाज में तीव्र आक्रोश उत्पन्न हुआ था। इसके पश्चात मंदिर प्रशासन द्वारा 114 मुस्लिम कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया। यह निर्णय समयोचित एवं योग्य है। हिंदू जनजागृति समिति, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ तथा अन्य हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से इस निर्णय का अभिनंदन किया गया है।
इस पृष्ठभूमि में समिति ने यह मांग की है कि शासन के अधीन अन्य मंदिरों में भी अन्य धर्मियों की नियुक्तियों की जांच की जाए और ऐसे कर्मचारियों को तुरंत सेवा से मुक्त किया जाए।
“मंदिर श्रद्धा का केंद्र होता है, अतः वहाँ कार्यरत कर्मचारियों की श्रद्धा व आचारधर्म हिंदू संस्कारों के अनुरूप होना चाहिए। मंदिर प्रशासन को सात्त्विकता का विचार करके ही कर्मचारियों की नियुक्ति करनी चाहिए,” ऐसा मत हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट जी ने व्यक्त किया।
12 जून 2025
शनि मंदिर की सात्त्विकता बनी रहे; 114 मुस्लिम कर्मचारियों को तत्काल हटाया जाए!

करोडो हिंदुओं की श्रद्धा का केंद्र श्री शनिशिंगणापुर मंदिर के पवित्र चबूतरे पर हाल ही में मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा ग्रिल लगाने का कार्य किया गया, जो अत्यंत चौंकाने वाला और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
मंदिर की पवित्रता और परंपरा का पालन न करने वाले अन्य धर्मों के कर्मचारियों को चबूतरे पर कार्य करने देना, यह शनि मंदिर की सात्त्विकता और परंपराओं का स्पष्ट उल्लंघन है। इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामवासियों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है।
मंदिर में कार्यरत 114 मुस्लिम कर्मचारियों को तुरंत हटाया जाए, और उन्हें नियुक्त करने वाले तथा मंदिर परिसर में प्रवेश देने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्यवाही की जाए ऐसी माँग हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य समन्वयक श्री सुनील घनवट ने की है।
श्री घनवट ने यह भी कहा कि, तेलंगाना स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में जब ऐसी ही घटना हुई थी, तब वहां के मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए मंदिर में केवल हिंदू कर्मचारियों की नियुक्ति का आदेश जारी किया था। महाराष्ट्र सरकार को भी उसी प्रकार की स्पष्ट और दृढ़ नीति अपनाकर कार्यवाही करनी चाहिए।








