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गुजरात पुलिस ने ड्रिल में मुस्लिम को दिखाया आतंकी, विवाद

सूरत – गुजरात के सूरत में पुलिस के नमाजी टोपी पहनाकर की गई एक ऐंटि-टेरर ड्रिल पर विवाद हो गया है। सूरत पुलिस ने इस ड्रिल में आतंकियों को मुस्लिम बताकर पेश किया। कांग्रेस, सीपीएम, समाजवादी पार्टी ने एक धर्म विशेष को आतंकी बताने की पुलिस की सोच की आलोचना की है और साथ ही राज्य की बीजेपी सरकार पर भी हमला बोला है। वहीं सूरत पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया है।

सूरत पुलिस ने आतंकी हमलों को लेकर जारी अलर्ट के बाद यह ऐंटि-टेरर ड्रिल की थी। विडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसवाले आतंकी बने कुछ लोगों को दबोच रहे हैं। इन सभी लोगों ने नमाजी टोपी और एक धर्म विशेष का माना जाने वाला पहनावा धारण किया है।

ड्रिल पर विवाद बढ़ने के बाद एसपी सूरत (रूरल) प्रदीप सुजैल ने भी बचाव में बेतुके तर्क दिए। उन्होंने कहा कि ओलपड़ इलाके में मुस्लिमों की तादाद अधिक है और इसीलिए ड्रिल में आतंकियों की वेशभूषा वैसी रखी गई थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस का मकसद किसी समुदाय की भावनाएं आहत करना नहीं था। उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और आगे फिर ऐसा नहीं होगा।

वहीं राजनीतिक दलों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल कादिर चौधरी ने कहा कि बीजेपी सरकार के सत्ता में आने के बाद इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। सीपीएम के मोहम्मद सलीम ने इसे पुलिस की घिसी-पिटी सोच करार दिया। उन्होंने कहा कि आतंक को किसी एक खास समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता है। आंतक को किसी धर्म से जोड़कर उसे बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। इससे देश को नुकसान होगा। आतंक के खिलाफ ऐसे लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती है। उन्होंने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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1 Comment

  1. Pradip Prasad

    ISE JHUTHA NAHI SABIT KIYA JA SAKTA KI DUNIA ME ISLAM KE NAAM PAR JO
    AATANKWADI GHATNA HO RAHI HAI UNME 99% AATANKI ISLAM SE SAMBANDH RAKHTE
    HAI……////

    HAKIKAT DEKHIYE HINDUSTHAN ME HINDUO KE HI DHARAM KA APMAN KIYA JATA HAI USKA VIRODH NA TO NETA ,PRESS,MEDIA KABHI KARTI HAI !

    AUR
    DEKHIYE YAHI MOCK DREAL PAKISTHAN BHI KARTA HAI VAHA KE
    NETA,PRESS,MEDIA KO PARESHANI NAHI PAR INHI LOGO KO BHARAT ME KAST
    JARUR HAI KYO KYO….?????
    “EK MATRA INKO ALPSANKHYAK KRAMASHAH VOTE,READER,VIEWER” KI CHINTA HAI 80000000 HINDUO KI BHAVNAO KAKUCH NAHI…///////

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