पौष शुक्ल पक्ष दशमी, कलियुग वर्ष ५११६

मुंबई : इस देश में अभिव्यक्ति स्वतन्त्रता के नामपर हिन्दुओंकी धार्मिक भावनाओंको सहजता से आहत किया जाता है, हिन्दू लीगल सेल के सचिव श्री. प्रशांत पटेल ने ऐसा प्रतिपादित किया । भारत के लगभग १०० अधिवक्ताओंने एकत्रित आकर ६ माह पूर्व हिन्दू लीगल सेल की स्थापना की थी ।
श्री. पटेल ने आगे कहा कि भारत में धर्मनिरपेक्षता के नामपर उठनेवाला प्रत्येक व्वक्ति अन्य धर्मियोंका ही विचार कर रहा है । हिन्दू धर्मियोंकी भावनाओंका विचार करते हुए कोई दिखाई नहीं देता ।
हिन्दू धर्म अभिव्यक्ति स्वतन्त्रता के विरुद्ध नहीं है । उलटे उसका उपयोग कर समाजोपयोगी बातोंका प्रसार करना चाहिए; परन्तु किसी की धार्मिक भावनाओंको आहत करना उचित नहीं है ।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








