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इस्लामिक स्टेट का फरमान, ‘मर जाओ या तबाही मचाओ’ !

पौष शुक्ल पक्ष सप्तमी, कलियुग वर्ष ५११६

isis_attackबगदाद : ISIS के आतंकवादी मासूम बच्चों को नर्क की आग में झोंक रहे हैं। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए। उस उम्र के बच्चों के जिस्मों को बारूद में लपेटा जा रहा है। सीरिया के एक लड़के के लिए मौत का फरमान सुनाया गया गया, लेकिन वो जिंदा लौट आया है। और उसी ने सुनाई है आईएसआईएस के आतंकियों की ये खौफनाक दास्तान।

ISIS के आतंकियों की दरिंदगी पूरी दुनिया देख चुकी है। इंसानी खून की नदिया बहाना इन आतंकियों के लिए बाएं हाथ का खेल है। जिस इलाके से भी इन कातिलों का काफिला गुजरता है वहां मातम की सिसकिंया सुनाई देती हैं। पहले महिलाओं को गुलाम बनाकर बेचा उनके जिस्मों को सौदा किया। फिर मासूम बच्चों को आतंक की ट्रेनिंग दी। लेकिन अब इन आतंकियों की दरिंदगी और भी बढ़ गई है।

मासूम बच्चों को जबरन फिदायीन बनाया जा रहा है। जो भी इनके चंगुल में फंस गया उसकी मौत तो तय है बस तरीके दो हैं। या तो फिदायीन बनकर दुश्मनों के गढ़ में जाओ और तबाही फैला दो। नहीं तो वहीं मौत के घाट उतार दिया जाता है। ये खुलासा किया है सीरिया के एक लड़के ने। इस लड़के उम्र महज 14 साल है लेकिन ISIS के आतंकियों ने उसके लिए मौत का फरमान सुना दिया।

शर्त वही थी कि या तो यहीं मर जाओ नहीं फिदायीन बनकर जाओ और इराक की एक मस्जिद में तबाही फैला दो। इस लड़के के सामने दो ही रास्ते थे ऐसे में इसने फिदायीन बनकर उनके चंगुल से छूटने का फैसला किया। ISIS आतंकियों ने लड़के को फिदायीन की जैकेट पहनाई और एक मस्जिद में धमाका करने का आदेश देकर भेज दिया। लेकिन इस लड़के ने अपनी सूझबूझ से ना सिर्फ अपनी जान बचाई बल्कि एक बड़ी बर्बादी को भी टाल दिया।

लड़का इराक के सैनिकों के पास पहुंचा और उसने दूर रहने का इशारा करते हुए पूरी बात बता दी। जिसके बाद इराक के सैनिकों ने उसकी फिदायीन जैकेट को उसके जिस्म से अलग किया और उसे अपनी हिरासत में ले लिया। ये लड़का पढ़ लिखकर डॉक्टर बनना चाहता है। उसे सोकर खेलना पसंद हैं हॉलीवुड अभिनेता जैकी चेन उसका पसंदीदा हीरो है। लेकिन ISIS के आतंकियों ने इसके लिए मौत का एलान कर दिया और फिदायीन बनाकर दुश्मनों के बीच भेज दिया।

लेकिन लड़के की सूझबूझ ने उसकी जान बचा दी है। ऐसा नहीं है कि 14 साल का उसैद बरहो अकेला लड़का है जो ISIS के चंगुल में फंसा था। उससे भी छोटे-छोटे बच्चे ISIS आतंकियों की कैद में हैं जिनका ब्रेन वॉश किया जा रहा है। जिन्हें आतंकी बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

स्त्रोत : आयबीएन खबर

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