
नई देहली : विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने देहली के एक कार्यक्रम में धर्मांन्तरण के मुद्दे पर आज खुलकर बोले। उन्होंने कहा हमारी खोई हुई देहली की सत्ता जो पृथ्वीराज के समय में हमारे हाथ से निकल गई थी, ८०० वर्ष के बाद फिर से कायम हुई है। हम दुनिया के धर्मांन्तरण के लिए कभी नहीं निकले मगर लोगों का दिल जीतने के लिए निकले हैं।
इससे पहले शनिवार को कोलकाता के एक सभा में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का सबसे बड़ा बयान आया था। धर्मांन्तरण के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की जमीन है और वह परमानेंट नहीं है।
केंद्र द्वारा प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी बिल की वकालत करते हुए भागवत ने विपक्षी दलों से कहा कि अगर वे धर्म परिवर्तन पसंद नहीं करते तो संसद में कानून बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू नहीं बनना चाहता तो इसी तरह हिंदुओं का भी धर्म परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।
स्त्रोत : महा मेडिया








