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भिवंडी (ठाणे) – ‘ईदगाह’ पशुवधगृहके विरोधमें हिन्दू विधिज्ञ परिषदके मार्गदर्शनमें राष्ट्रीय हरित प्राधिकरणको याचिका प्रविष्ट

हिन्दुओ, आपके प्रश्‍नोंके विषयमें केवल हिन्दू विधिज्ञ परिषद  एवं हिन्दू जनजागृति समिति ही वैधानिक मार्गसे युद्ध कर रही है, यह ध्यानमें लें !

prevention_cowSlaughterपुणे (महाराष्ट्र) – पूज्यपाद संतश्री आसारामजी बापूजीके भक्त श्री. धर्मराज चन्देलने हिन्दू विधिज्ञ परिषदके मार्गदर्शनमें राष्ट्रीय हरित प्राधिकरणको भिवण्डीके ‘ईदगाह’ पशुवधगृहके विरोधमें याचिका प्रविष्ट की है । २२ दिसम्बरको पुणेके हरित प्राधिकरणके सामने इस याचिकापर प्रथम सुनवाई हुई । इस याचिकामें ईदगाह पशुवधगृह, महाराष्ट्र शासन, महाराष्ट्र प्रदूषण नियन्त्रण महामण्डल तथा भिवण्डी-निजामपुर महानगरपालिकाको प्रतिवादी बनाया गया है ।

भिवण्डीके ईदगाह पशुवधगृहसे समीपकी कामावरी नदीमें प्रतिदिन ५ से १० सहस्र लिटर प्रदूषित पानी छोडा जाता है, जिससे पूरी नदी प्रदूषित हो गई है । प्रदूषित पानीके कारण वहांके वातावरणमें निरन्तर दुर्गन्ध रहनेसे वहांके नागरिक भी त्रस्त हो गए हैं । १५ फरवरी २०१४ को सर्वाेच्च न्यायालयद्वारा दिए गए आदेशके अनुसार महाराष्ट्र प्रदूषण नियन्त्रण मण्डलने यह पशुवधगृह बन्द करनेकी सूचना दी थी । परन्तु तब भी वह चालू है । तत्पश्चात जुलाई एवं सितम्बर २०१४ में भी महाराष्ट्र प्रदूषण नियन्त्रण मण्डलके स्थानीय अधिकारीने इस पशुवधगृहपर कार्यवाही होने हेतु ज्येष्ठ अधिकारियोंसे विनती की थी; परन्तु इस पशुवधगृहपर कोई कार्यवाही न होनेसे पशुवधगृह चालू है एवं अभी भी प्रतिदिन सहस्रों लिटर दूषित पानी कामावरी नदीमें छोडनेसे नदी एवं वातावरण दूषित हो रहा है । आज भी इस पशुवधगृहमें प्रतिदिन ४० से ५० बडे जानवर काटे जाते हैं । स्थानीय गोरक्षकोंमें इस पशुवधगृहमें अवैधानिक रूपसे गोवंशियोंकी हत्या होनेकी चर्चा हो रही है ।

इस स्थितिको ध्यानमें लेते हुए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरणद्वारा याचिका प्रविष्ट कर प्रतिवादियोंको सूचना दी गई है  । श्री. धर्मराज चन्देल याचिकामें स्वयं ही वादविवाद कर रहे हैं ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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