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आर्मी चीफ का शरीफ को अल्टीमेटम- ४८ घंटे में दो ३००० को फांसी !

इस्लामाबाद –  पेशावर में तालिबानी आतंकियों द्वारा १३२ बच्चों समेत १४५ को मौत के घाट उतारे जाने की घटना के बाद पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल राहिल शरीफ ने पीएम नवाज शरीफ को कहा है कि देश की जेलों में बंद ३ हजार से ज्यादा आतंकियों को ४८ घंटे के अंदर फांसी दे दी जाए। राहिल शरीफ ने ट्वीट करके कहा, ”मैंने पीएम नवाज शरीफ से सभी आतंकियों को फांसी देने को कहा है। ३  हजार से ज्यादा आतंकियों को अगले ४८ घंटे में फांसी दे देनी चाहिए।” राहिल शरीफ ने गुरुवार को ६  आतंकियों को फांसी पर चढ़ाने के डेथ वॉरंट पर हस्ताक्षर किए।

तालिबान को दीकड़ी चेतावनी

जनरल शरीफ ने टि्वटर पर ही आतंकियों के खिलाफ जंग छेड़ने का एलान किया था। उन्होंने लिखा था, ”बहुत हो चुका। अब उन लोगों के खिलाफ एक्शन होना चाहिए, जो आतंकियों के पक्ष में बोलते हैं।” जब पाकिस्तानी सेना पेशावर के स्कूल में आतंकियों से मोर्चा ले रही थी, जनरल शरीफ ने टि्वटर पर ही जानकारी दी कि खैबर पख्तूनवा प्रांत में आतंकियों के गढ़ पर जबर्दस्त हवाई हमला किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घंटे भर के अंदर १० हवाई हमले किए गए। एक अन्य ट्वीट में जनरल ने तालिबान से कहा, “तहरीक-ए-तालिबान के लिए संदेश। तुमने हमारे बच्चों को मारा है। अब तुम इसके लिए खामियाजा भुगतोगे। नन्हे फरिश्तों के हर खून की बूंद की कीमत तुम्हें चुकानी होगी। यह मेरा वादा है।”

नवाज शरीफ ने भी किया ट्वीट

तालिबान के खिलाफ पीएम नवाज शरीफ ने भी ट्वीट किया। पीएम ने लिखा, ”तालिबान, पाकिस्तानी आर्मी तुम तक पहुंचेगी और तुम्हें तबाह कर देगी। लेकिन वे तुम्हारी औरतों और बच्चों को निशाना नहीं बनाएगी। वे तुम्हारी तरह कायर नहीं है।” शरीफ ने पाकिस्तानी जनता से सेना को समर्थन देने की अपील भी की।

तालिबान के प्रति रुख में बदलाव

बताया जा रहा है कि कभी भारत के खिलाफ जंग के लिए तालिबान को रणनीतिक ताकत मानने वाले पाकिस्तान के रुख में अब थोड़ा बदलाव आया है। जनरल शरीफ तालिबान के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने के मूड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अफगानिस्तान के अधिकारियों से मुलाकात करके वहां के सीमावर्ती इलाकों में छिपे तालिबान प्रमुख मुल्ला फजलुल्लाह को पकड़ने में मदद करने को कहा है। ऐसा न होने पर उन्होंने खुद एक्शन लेने की चेतावनी भी दी है। वहीं, पाकिस्तानी पीएम कह चुके हैं कि अच्छा या बुरा तालिबान जैसा कुछ नहीं होता। हालांकि, गुरुवार को ही मुंबई हमलों के आरोपी लश्कर कमांडर जकी उर रहमान लखवी को पाकिस्तान की एक एंटी टेररिस्ट कोर्ट ने जमानत दे दी। लखवी भी हाफिज सईद की तरह मुंबई 6 साल पहले मुंबई पर हुए हमलों का मास्टरमाइंड रहा है।

पाकिस्तान में फांसी पर लगी रोक हटने के बाद पहले दौर में सिर्फ १७ आतंकियों को ही फांसी दी जाएगी। सरकार की ओर से इन आतंकियों के घरवालों को इस बारे में खबर कर दी गई है। पाकिस्तान में करीब ८००० लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें से १७ को कुछ दिन में फांसी दी जाएगी। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, गृह मंत्रालय ने गुरुवार को १२० दया याचिकाएं प्रधानमंत्री के विचार के लिए भेजी हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फांसी की सजा पाने वाले सर्वाधिक ४६५ लोग पंजाब सूबे में हैं। आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित खैबर पख्तूनख्वा में केवल ३० , बलूचिस्तान में १३ और सिंध में ऐसे १४ लोग हैं। पाकिस्तान में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने २००८ में फांसी पर रोक लगाई थी। लेकिन पेशावर के स्कूल में आतंकी हमले के अगले दिन नवाज शरीफ सरकार ने यह रोक हटा दी।

पेशावर हमले के लिए १७ पर एफआईआर

पेशावर के आर्मी स्कूल में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के मामले में तालिबान चीफ मुल्ला फजलुल्लाह सहित १७ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें मुल्ला का डिप्टी खालिद हक्कानी भी शामिल है। आतंकी हमले की गुरुवार को जांच शुरू हो गई। जांच टीम ने स्कूल का दौरा किया। सबूत इकट्ठे किए और हमले में बचे लोगों की गवाहियां लीं। ड्रोन हमले में हकीमुल्ला महसूद के मारे जाने के बाद पिछले साल मुल्ला फजलुल्लाह तालिबान का अमीर (सरगना) बना था। एफआईआर में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के शीर्ष कमांडरों को आरोपी बनाया गया है। इनमें हाफिज गुल बहादुर, सैफुल्लाह, मंगल बाघ, हाफिज दौलत, सरवर शाह, मौलवी फकीर, अब्दुल वली, कारी शकील, असलम फारूकी औरंगजेब के नाम हैं। टीटीपी ने ही हमले की जिम्मेदारी ली थी। एफआईआर में सातों आत्मघाती हमलावरों के नाम भी हैं। ये नाम अबूजर, उमर, इमरान, उजैर, कारी और चमने उर्फ चमटू हैं।

पाक-अफगान सीमा पर रची गई थी साजिश

एफआईआर के मुताबिक, आतंकियों को पेशावर भेजने से पहले बारा के शीन द्रांग मरकज में ट्रेनिंग दी गई थी। हमले की साजिश दिसंबर के पहले हफ्ते में पाकिस्तान-अफगान सीमा के पास एक बैठक में कई आतंकी संगठनों ने मिलकर रची थी।

चोरी की गाड़ी से आए थे हमलावर

हमलावर जिस गाड़ी से आए थे, उसे पहचान लिया गया है। वह इस्लामाबाद से चुराई गई थी। सिविल लाइंस थाने में उसकी चोरी की रिपोर्ट दर्ज है। उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

स्त्रोत : दैनिक भास्कर 

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