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धर्माचरण करनेवाली युवती कभी भी लव जिहाद का बलि नहीं चढेगी ! – श्रीमती क्षिप्रा जुवेकर, हिन्दू जनजागृति समिति

हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से विरावली (जलगांव, महाराष्ट्र) में ‘धर्माचरण का महत्त्व’ इस विषय पर प्रवचन

प्रवचन का लाभ लेते हुए ग्रामवासी

जलगांव : आजकल ‘लव जिहाद’ के माध्यम से भोलीभाली हिन्दू युवतियों के धर्मांतरण का बडा षड्यंत्र चल रहा है ! धर्मांध हिन्दू युवतियों के साथ निकटता कर अपनी मीठी बातों से उन्हें इस जाल में फंसा रहे हैं ! हिन्दू युवतियों को इस षड्यंत्र से अपना बचाव करना हो, तो उन्हें धर्माचरण करना होगा; क्योंकि धर्माचरण करनेवाली युवती कभी भी लव जिहाद का बलि नहीं चढेगी ! हिन्दू जनजागृति समिति की श्रीमती क्षिप्रा जुवेकर ने ऐसा दृढता के साथ प्रतिपादित किया। विरावली के श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में आयोजित प्रवचन में वे बोल रही थीं। इस प्रवचन में १०५ धर्मप्रेमी उपस्थित थे।

उन्होंने आगे कहा, ‘‘अभिभावकों को ‘हमारी लडकियां घर से बाहर निकलने पर क्या वे सुरक्षित वापस आएंगी ?’, ऐसी आशंका रहती हैं; क्योंकि भारत में ३ वर्ष की छोटी बच्चि से लेकर ७० वर्ष की महिलातक के साथ अब बलात्कार हो रहे हैं ! आज सर्वत्र ही अन्याय का प्रतिकार करनेवाले हिन्दुओं का उत्पीडन कर उनके शौर्य को दबाने का प्रयास किया जा रहा है ! साथ ही दूरचित्रवाणी पर चलाए जा रहे धारावाहिकों के माध्यम से पाश्चात्त्य कुसंस्कृति का सीधा प्रवेश आज घर-घर में हो रहा है !, और इसपर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है ! इस स्थिति को बदलने हेतु हमें जागृत होकर प्रयास करने होंगे !’’

सर्वधर्मसमभाव के नामपर हिन्दुओं के हो रहे दमन का संगठित होकर प्रतिकार करेंगे ! – श्री. प्रशांत जुवेकर, जिला समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

श्री. प्रशांत जुवेकर

आज हमारा राष्ट्र और धर्म संकट में हैं ! सर्वधर्मसमभाव के नाम पर हिन्दू समाज के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है ! हिन्दुओं ने इसका संगठित होकर इसका प्रतिकार करना चाहिए !

यावल के धर्मप्रेमी श्री. धीरज भोळे ने सभी को समिति के कार्य से अवगत कराया और अंत में आभार प्रदर्शन भी किया।

क्षणिकाए

१. बैठक के पश्चात गांव में इस संदर्भ में एक बड़ा कार्यक्रम का आयोजन करना सुनिश्चित किया गया !

२. उपस्थित धर्मप्रेमियों ने समिति के कार्य में क्रियाशीलता के साथ सहभागी होने की इच्छा व्यक्त की !

३. ग्रामवासियों ने ‘आदर्श गणेशोत्सव कैस मनाएं ?’, यह दृकश्राव्यचक्रिका देख कर इस वर्ष से आदर्श पद्धति से गणेशोत्सव मनाने का संकल्प लिया !

४. बैठकस्थल पर राष्ट्रपुरुष, क्रांतिकारी एवं हिन्दू धर्मशिक्षा के संदर्भ में फ्लेक्स प्रदर्शनी, साथ ही सनातन के ग्रंथ एवं सात्त्विक उत्पादों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

५. निरंतर वर्षा हो रही थी फिर भी महिलाओं की उपस्थिति लक्षणीय रही !

६. यावल के धर्मप्रेमियों ने ही इस कार्यक्रम का संपूर्ण नियोजन किया। धर्मप्रेमी युवकों ने भारी वर्षा में भी आवश्यक सभी सामग्री की उपलब्धता की !

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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