केवल आध्यात्मिक साधना और स्वभावदोष-निर्मूलन से ही वास्तविक व्यक्तित्व विकास संभव! – अभिजीत पोलके, हिंदू जनजागृति समिति

भिलाई (छत्तीसगढ) – सफलता के लिए तनावमुक्त वातावरण अत्यंत आवश्यक है। कार्यस्थल का वातावरण जितना अधिक सकारात्मक होगा, संवाद उतना ही बेहतर होगा और उत्पादकता भी बढ़ेगी। ग्राहकों से प्रभावी संवाद न हो पाना, आपसी मतभेद, नकारात्मक वातावरण तथा कार्यकुशलता की कमी जैसी समस्याओं की जड़ मनुष्य के स्वभावदोष हैं। इन समस्याओं के केवल अस्थायी समाधान खोजने के बजाय यदि हम अपने स्वभावदोषों को दूर करने के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना करें, तो उसका लाभ व्यक्तिगत जीवन, व्यवसाय और परिवार—तीनों को मिलेगा। ये विचार हिंदू जनजागृति समिति के नागपुर जिला समन्वयक श्री अभिजीत पोलके ने उद्घाटन सत्र में व्यक्त किए।

‘छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़’, ‘स्वावलंबी भारत अभियान’ और ‘हिंदू जनजागृति समिति’ के संयुक्त तत्वावधान में भिलाई के सिविक सेंटर स्थित सी.ए. भवन में तीन दिवसीय ‘कर्मचारी व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि उन्हें व्यापारियों की समस्याओं और कठिनाइयों की पूरी जानकारी है। किसी भी अधिकारी के कारण उत्पन्न होने वाली अनावश्यक समस्याओं के समाधान के लिए वे सदैव तत्पर हैं। व्यापारी बिना किसी संकोच के अपनी समस्याएँ उनके समक्ष रख सकते हैं।


इस कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के प्रदेश महामंत्री श्री अजय भसीन, भिलाई शाखा के अध्यक्ष श्री गार्गी शंकर मिश्र तथा श्री दिनकर बसोतिया के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर टीम वर्क, नेतृत्व कौशल, कर्मचारियों के बीच प्रभावी संवाद तथा व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री गार्गी शंकर मिश्र ने व्यक्तित्व विकास के लिए आध्यात्मिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के हिंदू जनजागृति समिति के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह हमारी सनातन परंपरा की विशेषता है। इसके माध्यम से हम आदर्श नागरिक और सफल व्यापारी बन सकते हैं, अपने व्यवसाय का विकास कर सकते हैं तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं। आज की व्यस्त दिनचर्या में आत्मचिंतन के लिए समय निकालना भी अत्यंत आवश्यक है।”
श्री अजय भसीन ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की भावी दिशा और उसके सकारात्मक परिणामों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन श्री सुनील मिश्र ने किया।
विशेष उल्लेख
श्री अजय भसीन ने हिंदू जनजागृति समिति से संपर्क कर समिति के साधकों द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किए जा रहे ‘तनाव नियंत्रण’ तथा ‘स्वभावदोष-निर्मूलन’ विषयों की जानकारी प्राप्त की। इससे प्रभावित होकर उन्होंने इन विषयों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभिन्न भाग बनाने का निर्णय लिया।








