दिल्ली उच्च न्यायालय का केंद्र सरकार को आदेश
अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका पर दिया आदेश

नई दिल्ली – यू-ट्यूबर ध्रुव राठी द्वारा हिन्दू देवताओं के संबंध में प्रसारित किए गए वीडियो को हटाया जाए अथवा नहीं, इस पर अगले १५ दिनों में तत्काल निर्णय लेने के निर्देश दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार का परिवाद अपीलीय समिति को दिए हैं । इस वीडियो के माध्यम से मानहानि करने एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है ।
अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा प्रविष्ट अपील पर यह निर्णय दिया गया । अधिवक्ता सचदेवा ने राठी के वीडियो के विरुद्ध एक आपराधिक याचिका प्रविष्ट की है ।
The Hon’ble Delhi High Court today directed the Grievance Appellate Committee to decide our appeal and granted us the liberty to approach the Hon’ble Court again in the event our grievance remains unresolved.
The writ petition sought a direction to the Grievance Appellate… pic.twitter.com/U0JoZBnr7q
— Amita Sachdeva, Advocate (@SachdevaAmita) July 3, 2026
हिन्दू देवताओं का अपमान सहन नहीं किया जाएगा ! – केंद्र सरकार
केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रखने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने न्यायालय में कहा कि इस वीडियो में हिन्दू देवताओं के संबंध में आपत्तिजनक बातें हैं उन्हें सहन नहीं किया जा सकता । या तो मध्यस्थ स्वयं यह वीडियो हटा दे अथवा ऐसा करने के लिए न्यायालय का आदेश प्रसारित किया जाए ।
वीडियो में वास्तव में क्या है ?
ध्रुव राठी के २१ मार्च को प्रकाशित एक वीडियो पर अमिता सचदेवा ने आपत्ति जताई है । इस वीडियो का शीर्षक ‘Can Hindus Eat Beef ? Kerala’s Story 2 Exposed’ (कॅन हिन्दूज इट बीफ ? केरलाज स्टोरी २ एक्सपोस्ड’) है । इस वीडियो में राठी ने हिन्दू धर्मग्रंथों में खान-पान की आदतों पर चर्चा की है । उध्रुव राठी विदेश में रहकर हिन्दू देवताओं के विरोध में वीडियो प्रसारित कर रहा है । केंद्र सरकार को केवल वीडियो ही नहीं हटाने चाहिए, अपितु उसके विरुद्ध विदेश से कार्रवाई कर उसे भारत लाने के लिए भी प्रयास करने चाहिए !ध्रुव राठी विदेश में रहकर हिन्दू देवताओं के विरोध में वीडियो प्रसारित कर रहा है । केंद्र सरकार को केवल वीडियो ही नहीं हटाने चाहिए, अपितु उसके विरुद्ध विदेश से कार्रवाई कर उसे भारत लाने के लिए भी प्रयास करने चाहिए ! सने इस वीडियो में यह तर्क दिया है कि प्राचीन ग्रंथों एवं ऋषि-मुनियों ने राम तथा कृष्ण जैसे देवताओं के मांसाहार का उल्लेख किया है ।








