Menu Close

वारकरियों की लंबित मांगों को लेकर आषाढ़ी एकादशी पर पंढरपुर में ‘भव्य वारकरी महाअधिवेशन’ का आयोजन

वारकरी संतों को ‘घुसपैठिया’ कहने वालों का सार्वजनिक निषेध और महाअधिवेशन में हिंदुत्वनिष्ठ संतों का भव्य सम्मान – श्री सुनील घनवट, हिंदू जनजागृति समिति

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए (बाएं से) श्री दत्तात्रय पिसे, ह.भ.प. निवृत्ति महाराज हल्ल्याळीकर, ह.भ.प. मारुति महाराज तुनतुने (शास्त्री), श्री सुनील घनवट एवं श्री प्रसाद पंडित

सोलापुर – वारकरी संप्रदाय कई शताब्दियों से समाज को नैतिक मूल्य, संस्कृति रक्षा और देशभक्ति की सीख दे रहा है। आज भी यह संप्रदाय धर्म और राष्ट्रहित के लिए निरंतर कार्यरत है। इसी भूमिका के साथ वारकरियों में एकता स्थापित करने और शासन के समक्ष महत्त्वपूर्ण मांगों को मजबूती से रखने के लिए आषाढ़ी एकादशी (25 जुलाई) के पावन अवसर पर पंढरपुर में एक दिवसीय भव्य ‘वारकरी महाअधिवेशन’ का आयोजन किया गया है। वर्ष 2008 से पंढरपुर और आलंदी में इस प्रकार के अधिवेशन आयोजित किए जा रहे हैं। इस महाअधिवेशन में हिंदुत्व के लिए कार्य करने वाले ह.भ.प. और पूजनीय संतों को ‘घुसपैठिया’ कहकर उनका अपमान करने वाले तथाकथित प्रगतिशील (पुरोगामी) लोगों का सार्वजनिक निषेध किया जाएगा। साथ ही, धर्मरक्षा के लिए संघर्ष करने वाले हिंदुत्वनिष्ठ संतों का इस अवसर पर भव्य सम्मान किया जाएगा। यह जानकारी हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट ने एक पत्रकार वार्ता में दी।

इस अवसर पर राष्ट्रीय वारकरी परिषद के अध्यक्ष ह.भ.प. मारुति महाराज तुनतुने (शास्त्री), राष्ट्रीय प्रवक्ता ह.भ.प. निवृत्ति महाराज हल्ल्यालीकर, प्रज्ञापुरी ज्ञानपीठ अक्कलकोट के पीठासीन धर्माधिकारी श्री प्रसाद पंडित और हिंदू जनजागृति समिति के श्री दत्तात्रेय पिसे आदि उपस्थित थे।

यह महाअधिवेशन दिनांक 25 जुलाई 2026 (आषाढ़ी एकादशी) को दोपहर 12.30 से 3.30 बजे तक पंढरपुर स्थित भक्तिमार्ग, जनकल्याण अस्पताल के बगल में सद्गुरु श्री गंगागिरी महाराज मठ में संपन्न होगा। इस अधिवेशन की अध्यक्षता आचार्य पूज्यपाद श्री 1008 दंडी स्वामी अमृताश्रम महाराज करेंगे, तथा सरला बेट, श्री क्षेत्र गोदावरी धाम के पीठाधीश महंत गुरुवर्य प.पू. रामगिरी महाराज का मार्गदर्शन इस अधिवेशन को प्राप्त होगा।

इस अधिवेशन में वरिष्ठ कीर्तनकार संतवीर ह.भ.प. बंडातात्या कराडकर, महाराष्ट्र वारकरी महामंडल के अध्यक्ष ह.भ.प. रामेश्वरशास्त्री महाराज और सचिव ह.भ.प. नरहरि महाराज चौधरी, श्री विट्ठल-रुक्मिणी संस्थान (पंढरपुर) के विश्वस्त ह.भ.प. प्रकाश महाराज जवंजाळ, जगद्गुरु श्री संत तुकाराम महाराज संस्थान के विश्वस्त ह.भ.प. माणिक महाराज मोरे, श्री संत ज्ञानेश्वर महाराज संस्थान (आलंदी) के प्रमुख विश्वस्त योगी निरंजननाथ, अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश महामंत्री स्वामी भारतानंद सरस्वती महाराज मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा शिवसेना आध्यात्मिक अघाड़ी के प्रदेशाध्यक्ष श्री अक्षय महाराज भोसले, भाजपा आध्यात्मिक समन्वय अघाड़ी के प्रदेश प्रमुख श्री तुषार भोसले, राष्ट्रीय वारकरी परिषद के ह.भ.प. मारुति महाराज तुनतुने, ह.भ.प. बापू महाराज रावकर, ह.भ.प. निवृत्ति महाराज हल्ल्यालीकर और हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट सहित कई गणमान्य संत, महंत, धर्माचार्य और हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रमुख भी अपने विचार रखेंगे।

अधिवेशन की प्रमुख मांगें

  • इस अधिवेशन में पंढरपुर, देहू, आलंदी, पैठण, मुक्ताईनगर सहित सभी तीर्थस्थलों को स्थायी रूप से मद्य और मांस-मुक्त करने तथा इन तीर्थस्थलों के 10 किलोमीटर के दायरे में अहिंदुओं के धर्मप्रसार पर सख्त पाबंदी लगाने की प्रमुख मांग की जाएगी।
  • संत-साहित्य, राष्ट्रपुरुषों, धर्म और देवताओं का अपमान करने वालों पर कठोर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र ‘ईशनिंदा निवारण कानून’ लागू करने की भी मांग की जाएगी।
  • इसके साथ ही, संतों के श्लोकों का गलत अर्थ निकालकर वारी (तीर्थयात्रा) का माहौल खराब करने वालों पर शासन द्वारा स्थायी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
  • नक्सलियों का समर्थन करने वाली ‘अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति’ (ANiS) जैसी संस्थाओं, नास्तिकों और तथाकथित प्रगतिशीलों को वारी में आने से रोका जाए और ‘अंनिस’ के आर्थिक घोटालों की जांच के लिए तत्काल प्रशासक नियुक्त किया जाए।
  • वारकरी शिक्षण संस्थानों और वेद पाठशालाओं को मासिक अनुदान देने, चंद्रभागा और इंद्रायणी नदियों का प्रदूषण तुरंत रोकने तथा ‘वक्फ बोर्ड’ द्वारा हड़पी गई मंदिरों की जमीनें वापस दिलाने के लिए शासन द्वारा तुरंत निर्देश देने की भी मजबूती से मांग रखी जाएगी।

इसके साथ ही, पुरातत्व विभाग द्वारा श्री विट्ठल-रुक्मिणी की मूर्ति पर रासायनिक लेपन के धर्मविरोधी निर्णय के खिलाफ वारकरी और मंदिर महासंघ द्वारा लड़ी गई लड़ाई पर भी इस महाअधिवेशन में चर्चा की जाएगी।

प्रस्तावित ‘महाराष्ट्र देवस्थान इनाम उन्मूलन अधिनियम २०२६’ को स्थायी रूप से रद्द कर देवभूमि की रक्षा करने वाला ‘एंटी लैंड ग्रैबिंग एक्ट’ लागू किया जाए, यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी रखा जाएगा। आयोजकों की ओर से सभी वारकरियों और भक्तों से इस ऐतिहासिक अधिवेशन में बड़ी संख्या में उपस्थित रहने की अपील की गई है। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: श्री विनोद रसाल (संपर्क: 9975592892)

Latest News