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केंद्रशासन के ‘जवाहर नवोदय विद्यालय’ ने रखी गुढीपाडवा के दिन परीक्षा; हिन्दू संगठनों में रोष

हिन्दू संगठनों द्वारा निंदा और विद्यालय प्रशासन पर कार्यवाही की मांग !

जवाहर नवोदय विद्यालय केंद्र शासित विद्यालय है । विद्यालय प्रशासन द्वारा इस वर्ष छठी कक्षा के लिए प्रवेश परीक्षा ६ अप्रैल २०१९ को अर्थात गुढीपाडवा के दिन रखी गई है । हिन्दू जनजागृति समिति सहित विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने इसकी कडी निंदा की है । केंद्र और राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ विचारों का शासन होते हुए हिन्दू त्योहारों पर परीक्षा रखना निंदनीय है । शासन इस ‘जवाहर नवोदय विद्यालय’ के प्रशासन पर कार्यवाही करे, ऐसी मांग निवेदन द्वारा हिन्दू जनजागृति समिति ने केंद्रीय मानवसंसाधन विकासमंत्री श्री. प्रकाश जावडेकर से की है । इससे संबंधित एक निवेदन काणकोण, गोवा स्थित नवोदय विद्यालय के प्राचार्य श्री. अनिमेश पाल को भी दिया गया है ।

गोवा में निवेदन देते समय हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. गोविंद लोलयेकर, नववर्ष स्वागत समिति पैंगीण के श्री. काशिनाथ वझे, श्री मारुति मंदिर चावडी के अध्यक्ष श्री. श्रीकृष्ण देसाई उपस्थित थे । इस निवेदन में कहा गया है कि गुढीपाडवा हिन्दू धर्मियों के लिए महत्त्वपूर्ण त्योहार है तथा हिन्दू नववर्ष का दिन है । हिन्दू धर्मशास्त्र कहता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि की उत्पत्ति का दिन है । इस दिन का आध्यात्मिक ही नहीं, अपितु प्राकृतिक और ऐतहासिक महत्त्व भी है । इस दिन देशभर के करोडों हिन्दू गुढी खडी कर उसकी पूजा करते हैं । देशभर में हिन्दू नववर्ष का स्वागत परंपरागत वेशभूषा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित भव्य शोभायात्राआें द्वारा बडे उत्साह और आनंद से किया जाता है । इसी दिन प्रवेश परीक्षा होने के कारण हिन्दू विद्यार्थी इस महत्त्वपूर्ण दिन का लाभ नहीं उठा पाएंगे । यह अत्यंत निंदनीय है । जवाहर नवोदय विद्यालय का कार्य देश के34 राज्यों में है तथा इस विद्यालय में पढनेवाले तथा प्रवेश लेनेवाले हजारों विद्यार्थी हिन्दू हैं । समिति के डॉ. मनोज सोलंकी ने प्रश्‍न उपस्थित किया है कि क्या इस प्रकार से प्रवेश परीक्षा मुसलमानों के धार्मिक त्योहार ‘ईद’अथवा ईसाइयों के त्योहार ‘क्रिसमस’ के दिन रखी होती ?

त्योहार के दिन इस प्रकार प्रवेश परीक्षा रखने से हिन्दू विद्यार्थियों की उपस्थिती कम होगी तथा अन्य धर्मीय विद्यार्थियों को सहज प्रवेश मिल जाएगा, इसके पीछे ऐसे कुटिल उद्देश्य की संभावना को नकारा नहीं जा सकता । विद्यालय प्रशासन द्वारा 6अप्रैल अर्थात गुढीपाडवा के दिन रखी गई प्रवेश परीक्षा तत्काल निरस्त की जाए तथा परीक्षा की दिनांक आगे बढाई जाए तथा यह निर्णय लेनेवाले संबंधितों पर कार्यवाही की जाए, ऐसी मांग भी इस समय की गई ।

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