
बेरुत : आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के मुखिया अबु बक्र अल बगदादी की पत्नी और बेटे को लेबनानी सिक्युरिटी फोर्स ने सीरियाई बॉर्डर के नजदीक गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। सेना से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दोनों को कुछ दिन पहले फर्जी पासपोर्ट के साथ लेबनान की सीमा में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। यह भी बताया जा रहा है कि लेबनानी आर्मी ने नुसरा फ्रंट के कमांडर अनस शरकास की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार की गई महिला का नाम सजा हमीद अल दुलैमी है, जिसे इस साल सीरियाई जेल से १३ ननों के बदले रिहा किया गया था। बगदादी की पत्नी के बदले में छोड़ी गई १३ ननों को पिछले साल दिसंबर में बंधक बनाया गया था।
लेबनानी न्यूज वेबसाइट डेलीस्टार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आर्मी इंटेलिजेंस ने बगदादी की पत्नी और उसके बेटे को छह दिन पहले उत्तरी अबोदियाह बॉर्डर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार महिला बगदादी की पहली पत्नी है। हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने लेबनान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि बगदादी की पत्नी को नौ दिन पहले एक लड़की के साथ गिरफ्तार किया गया था। डीएनए टेस्ट में पुष्टि हुई है कि लड़की बगदादी की ही बेटी है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, उसे लेबनान रक्षा मंत्रालय ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।

कौन है अबु बक्र अल-बगदादी…
अबु बक्र अल-बगदादी इस्लामिक स्टेट का प्रमुख और स्वयंभू खलीफा है। बगदादी के हाथ में संगठन की कमान आने के बाद आतंकी एक सुसंगठित फोर्स के रूप में काम कर रहे हैं। अबु मुसाब अल-जरकावी की मौत के बाद इस संगठन का प्रमुख बगदादी ही है। इसके बारे में बेहद कम जानकारी है। वह अपने फोटो ज्यादा नहीं खिंचवाता है। माना जाता है कि इसका जन्म १९७१ में उत्तरी बगदाद के सामर्रा में हुआ था। बगदादी का असली नाम अव्वाद इब्राहिम अली अल-बद्री है। इसकी पहचान संगठन में बैटलफील्ड कमांडर और टेक्नीशियन के रूप में है। जानकार कहते हैं कि युवा जिहादी बगदादी से खासे प्रभावित हैं। कहा जाता है कि बगदादी इस्लामिक स्टडीज में पीएचडी है। बगदादी चार साल दक्षिणी इराक के बुक्का में अमेरिकी प्रिजन कैम्प में भी रह चुका है। इसी समय इसने कई आतंकियों से संपर्क बढ़ाया था। इसे इस कैम्प से वर्ष २००९ में छोड़ा गया था।

क्या है आईएसआईएस?
आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड अल-शाम (इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड दी लेवेंट भी कहते हैं) एक जिहादी संगठन है, जो इराक और सीरिया में सक्रिय है। इसकी स्थापना अप्रैल २०१३ में की गई थी और यह काफी तेजी से बढ़ रहा है। यह इराक में आतंकी संगठन अल कायदा का सहयोगी है। यह सीरिया में सरकारी सुरक्षा बलों से लड़ रहे संगठनों में प्रमुख संगठन है। आईएसआईएस में बड़ी तादाद में विदेशी लड़ाके भी शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इराक और सीरिया के सुन्नी इलाकों को इस्लामिक स्टेट बनाना है। लेवेंट दक्षिणी तुर्की से लेकर मिस्र तक के क्षेत्र का पारंपरिक नाम है। संगठन दावा करता है कि उसमें इराक के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और कई यूरोपियन देशों के लड़ाके शामिल हैं। इसके अलावा, संगठन अमेरिका और अरब जगत से भी बड़ी तादाद में लोगों के शामिल होने का दावा करता है।
स्त्रोत : दैनिक भास्कर








