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पाकिस्‍तानी एक्ट्रेस वीना मलिक और उनके पति को २६ साल की कैद

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इस्लामाबाद : पाकिस्तान के बड़े मीडिया ग्रुप जियो टीवी के मालिक शकील उर रहमान, बॉलीवुड में काम कर चुकीं पाकिस्तानी एक्ट्रेस वीना मलिक और उनके पति को २६ साल कैद की सजा सुनाई गई है। इन्हें यह सजा यहां के एक एंटी टेररिज्म कोर्ट ने सुनाई है। इन सभी पर टीवी पर ईशनिंदा से जुड़ा कार्यक्रम दिखाने का आरोप साबित हुआ है।

विवादास्पद कंटेंट मई महीने में जियो टीवी पर दिखाया गया था। इसमें एक धार्मिक गाना प्रसारित किया गया था। जज शाबाज खान ने टीवी होस्ट शाइस्ता वाहिदी को भी २६ साल कैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा, सभी दोषियों पर १३ लाख पाकिस्तानी रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर दोषी जुर्माना नहीं भरते तो उनकी परिसंपत्तियां जब्त कर ली जाएं।

क्या हुआ था शो में?

जिओ टीवी के मॉर्निंग शो ‘उठो जागो पाकिस्तान’ को शाइस्ता लोधी होस्ट करती हैं। इस शो में वीना मलिक की मेंहदी रस्म और शादी का लाइव प्रसारण किया गया था। शो के दौरान एक म्यूजिक बैंड ने सूफी गाना ‘अली के साथ है जहरा की शादी’ गाया, जिसके बाद कट्टरपंथी संगठन नाराज हो गए थे। उस दौरान उलेमा पेनल ने तो जिओ टीवी देखने को हराम घोषित कर दिया था। एआरवाय न्यूज के एंकर और वरिष्ठ पत्रकार मुबाशिर लुकमान ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया था।

सभी दोषी पाकिस्तान से बाहर

जज ने ४० पेज का फैसला सुनाते हुए दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी करने के आदेश दिए। हालांकि, खबरें हैं कि मामले में दोषी ठहराए गए सभी पाकिस्तान से बाहर हैं। रहमान यूएई में रहते हैं, बाकी ३ भी आतंकी संगठनों की धमकी के बाद देश छोड़कर जा चुके हैं। बता दें कि आरोप लगने के बाद जियो ग्रुप ने माफी मांगी थी, लेकिन कट्टरपंथियों ने इसे नहीं कबूला। इसके अलावा, ईशनिंदा से जुड़े दूसरे मामले दर्ज किए गए।

क्या है ईशनिंदा कानून?

पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून में इबादतगाहों को अपवित्र करने, मजहबी भावनाएं भड़काने, पैगंबर हजरत मोहम्मद की आलोचना और कुरान शरीफ को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है। इस कानून में कुरान को नुकसान पहुंचाने वाले के लिए उम्रकैद, जबकि पैगंबर की निंदा करने वाले के लिए मौत की सजा का प्रावधान है। पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून भारत-पाकिस्तान के विभाजन से पहले लाया गया था, जब ब्रिटिश सरकार का शासन था। ये कानून धार्मिक भावनाओं को संरक्षित करने के लिए लाया गया था।

स्त्रोत : दैनिक भास्कर

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