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मोदी इफेक्ट : BJP सांसदों ने चुने हिंदू गांव


वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो करते हैं उसे पार्टी के दूसरे लोग भी तत्काल अपनाते हैं। प्रधानमंत्री ने अपनी महत्वाकांक्षी सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत जिस जयापुर गांव को गोद लिया है वहां मुस्लिम नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में बीजेपी के ज्यादातर सांसदों ने भी ऐसा ही किया। इन्होंने उन गांवों को गोद लिया है जहां मुस्लिम नहीं हैं।

इस स्कीम के तहत सभी सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में एक गांव को गोद लेना है और सरकार के आवंटित फंड से एक मॉडल गांव के रूप में पेश करना है। इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक कामयाबी मिली थी। बीजेपी को ८० सीटों में से ७१ पर जीत मिली थी। एक अंग्रेजी वेबसाइट ने बीजेपी के कब्जे वाले २० लोकसभा क्षेत्रों की स्टडी की है। इनमें से जिन १६ सांसदों ने सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत गांवों को गोद लिया है वहां मुस्लिम नहीं हैं। बाकी चार लोकसभा क्षेत्र डुमरियागंज, हाथरस, सहारणपुर और फैजाबाद के सांसदों ने भी जिन गांवों को गोद लिया है वे भी हिन्दू वर्चस्व वाले गांव हैं।

जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ७ नवंबर को बनारस में जयापुर गांव को गोद लिया तो उनका चुनाव भी बिना मुस्लिम आबादी वाला गांव था। लेकिन मोदी के बाद बीजेपी सांसदों ने भी ऐसा ही किया। उन्होंने भी उन गांवों को ही तवज्जो दी जहां मुस्लिम नहीं हैं। जिन सांसदों ने मुस्लिम गांवों की उपेक्षा की उनमें अकबरपुर से सांसद देवेंद्र सिंह, बस्ती से हरीश द्विवेदी, चंदौली से महेंद्र पांडे, देवरिया से कलराज मिश्रा, एटा से राजवीर सिंह, फर्रुखाबाद से मुकेश राजपूत, फतेहपुर सिकरी से बाबुल चौधरी, घोसी से हरि नारायण राजभर, गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ, कैराना से हुकुम सिंह, कुशी नगर से राजेश पांडे, लालगंज से नीलम सोनकर, मथुरा से हेमा मालिनी, मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान और बनारस से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।

जिन गांवों को बीजेपी सांसदों ने गोद लिया है उनमें अकबरपुर में तिकवापुर, अंबेडकरनगर में उसराहा, बस्ती में अमोधा, चंदौली में जलखोर, देवरिया में पयासी, एटा में नौरंगाबाद, फर्रुखाबाद में अमरौली रतनपुर, फतेपुर सिकरी में पुसेंता, घोसी में डुमरांव, गोरखपुर में जंगल औराही, कैराना में सुखेदी, कुशी नगर में गोपालगढ़, लालगंज में लोहारा, मथुरा में रावल, मुजफ्फरनगर में रसुलपुर जतन और बनारस में जयापुर है।

बीजेपी सांसदों के इस ट्रेंड से मुस्लिम नेता परेशान हैं। दूसरी तरफ बीजेपी के लोग किसी भी आपत्ति को सिरे से खारिज कर रहे हैं। बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने जिस गांव को गोद लिया है वहां के सरपंच बलबीर सिंह सैनी ने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं के गांव के चुनना गलत कहां से हो गया?

कैराना पश्चिम उत्तर प्रदेश में है। मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों में यह जिला बुरी तरह से प्रभावित हुआ था। लोकसभा चुनाव के दौरान पश्चिम उत्तर प्रदेश में बीजेपी पर धार्मिक ध्रुवीकरण के आरोप लगे थे। तब के विधायक और अब सांसद हुकुम सिंह पर नफरत फैलाने वाले भाषण का मामला दर्ज हुआ था।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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