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हिन्दुओं की रक्षा न करने वाले चले जाएं पाकिस्तान : प्रवीण तोगड़िया

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष एकादशी, कलियुग वर्ष ५११६

मोतिहारी – विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगडिय़ा ने सोमवार को कहा कि भारत में हिन्दुओं की सुरक्षा खतरे में हो यह चिंतनीय है। देश के हिन्दुओं की रक्षा नहीं करनेवालों को लोकतंत्र में शासन का अधिकार नहीं। वे शहर के राजेंद्र नगर भवन के सभागार में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि लव जेहाद औरंगजेब का जेहाद है।बहन-बेटियों की इज्जत पर हाथ डालकर कहा जा रहा कि यह प्यार है। अगर यह सचमुच प्यार है तो धर्म परिवर्तन कराने का क्या मतलब। कोर्ट में शादी कर दोनों को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए। वो भी केवल लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा। कोई भी मुसलमान अपना धर्म छोड़ हिन्दू धर्म नहीं अपना रहा। अगर इस पर काबू नहीं पाया गया तो 50-100 वषरें के बाद हमारा नामोनिशान मिट जाएगा। हमें सजग व सतर्क रहना होगा। ऐसी घटनाओं के विरोध में आगे आना होगा। कहा कि हिन्दू धर्म कर्म को बदलने का विज्ञान है। इसमें बुरे कर्म को त्याग अच्छे कर्म करने की शिक्षा मिलती है।

गाय को कसाई के हाथ से छुड़ाना धर्म की रक्षा है। अयोध्या में राममंदिर बनाना धर्म की रक्षा है। मुगल सल्तनत को कुचलने वाले भारत को एक बार फिर अपनी रक्षा के लिए जागृत होने की जरूरत है। विहिप देश के हिन्दुओं को शिक्षा, आर्थिक समृद्धि व आरोग्य की सुविधाओं के लिए संकल्पित है। इसके लिए पूरे देश में योजनाएं चलायी जा रही हैं। केवल एक फोन से सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। देश के एक लाख गावों में 50 लाख बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही। इसे और बढ़ाना है। बेरोजगारों को रोजगार से जोडऩे के लिए प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जाएगा। साथ ही आरोग्य रहने के लिए वैसे गरीब लोग जो इलाज कराने में असमर्थ हैं वे केवल एक फोन करेंगे उन्हें प्राइवेट चिकित्सक की सेवा निशुल्क मिलेगी। इस योजना के तहत देश के 5 हजार चिकित्सक विहिप से जुड़ चुके हैं। इसे 20 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

उन्होंने दावा कि कि देश के संसाधन पर पहला अधिकार हिन्दुओं का है। कार्यक्रम का उद्घाटन तोगड़िया के अलावा डा. अतुल कुमार, डा. राजेश कुमार श्रीवास्तव, प्रो. बैद्यनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर अशोक कुमार, राजीव रंजन, मनीष कुमार, दिनेश कुमार, जितेन्द्र कुशवाहा, अमित, श्यामसुंदर, संतोष कुमार, अमित तिवारी, पवन कुमार, प्रमोद गिरि आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में श्री तोगडिय़ा को तलवार देकर सम्मानित किया गया। वहीं कई लोग इसाई धर्म को छोड़ अपने मूल धर्म हिन्दू धर्म में वापस आए।

स्त्रोत : जागरण

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