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महंगे क्रूज शिपसे सफर कर इस्लामिक स्टेट के आतंकी बनने जा रहे युवा

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष द्वितीया, कलियुग वर्ष ५११६

मोनाको – आतंकी संगठनों में शामिल होने जा रहे युवाओं पर लगभग सभी जगह पैनी नजर है। ऐसे में जिहादी युवाओं ने भी नया रास्ता निकाल लिया है। वे महंगे क्रूज शिप से सीरिया और इराक में आतंकियों से जुड़ने जा रहे हैं।

यह खुलासा मोनाको में इंटरपोल की 83वीं महासभा में किया गया। इंटरपोल के चीफ रोनाल्ड नोबल ने बताया कि क्रूज से बड़ी संख्या में युवा तुर्की जा रहे हैं। उन्होंने सभी देशों से अपील की है कि वे अपने देश से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर नजर रखें। इसके बाद तुर्की ने अपने हवाई अड्डों,बंदरगाहों और क्रूज लाइन पर उतरने वाले विदेशियों पर नजर रखने के लिए टास्क फोर्स बना दी है।

तुर्की की लंबी सीमा सीरिया के साथ लगती है। विदेशी लड़ाकों के लिए इस्लामी स्टेट के आतंकियों से मिलने जाने का यह सबसे सरल रास्ता है। इस्लामी स्टेट ने सीरिया और इराक के बड़े हिस्से पर कब्जा कर उसे खलीफा का राज घोषित कर रखा है। दरअसल, युवाओं पर इंटरनेशनल पुलिस की हर जगह नजर है। बैंकों, एयरलाइनों और होटलों आदि हर जगह से सूचनाएं ली जा रही हैं। इसके बाद ही जिहादी युवकों ने यह रास्ता निकाला है।

कैसे बच-बचकर जाते हैं जिहादी

क्रूज शिप अक्सर जगह जगह रुकते हुए जाते हैं। इससे जिहादी युवक पकड़ में आने से बचने के लिए रास्ते में कई बंदरगाहों पर उतरते हुए गंतव्य तक पहुंचते हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल होता है कि वे असल में जा कहां रहे हैं।

१५,००० विदेशी लड़ाके

इंटरपोल के मोटे अनुमान के अनुसार, सीरिया और इराक में इस्लामी स्टेट के आतंकियों के साथ 15,000 से ज्यादा विदेशी लड़ाके हैं। ये 81 देशों से यहां पहुंचे हैं। इनमें से 300 लड़ाके अकेले चीन से आए हैं।

स्त्रोत : दैनिक भास्कर

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