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IS के चंगुल में फंस गई थी, जिहादी बेटियों को लाने सीरिया गई मां

कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वादशी, कलियुग वर्ष ५११६

लंदन – सीरिया जाकर जिहादियों से शादी करने वाली जुड़वां ब्रिटिश टीनेजर लड़कियों की मां को आईएस ने बंधक बना लिया था। दरअसल वह अपनी जुड़वां बेटियों को बचाने के लिए सीरिया चली गई थीं। एक बेटी से तो संपर्क नहीं हो पाया, लेकिन दूसरी ने कहा- अल्लाह ने मेरे लिए सीरिया में रहना ही चुना है।

16 साल की जाहरा और सलमा नाम की जुड़वां बहनें इस साल जून में लंदन के मैनचेस्टर से गायब हो गई थीं। बाद में पाया गया कि वे सीरिया चली गई हैं और वहां उन्होंने जिहादियों से शादी कर ली है। इसके बाद सोमाइलियाई मूल के उनके पिता इब्राहिम(52) और मां खादरा जामा(45) अपनी बेटियो की तलाश में सीरिया चले गए। मगर यहां पर खादरा को आतंकियों ने बंधक बना लिया था।

इंग्लिश न्यूज पेपर डेली मेल के मुताबिक इब्राहिम और खादरा ने जुलाई में अपनी बेटियों को बचाने की कोशिश की थी। वे पहले तुर्की गए और वहां पर डेनमार्क के एक मुस्लिम चैरिटी वर्कर से संपर्क किया। यह शख्स अपने सूत्रों के जरिए सीरिया के अल-बाब पहुंचा, जहां पर एक बहन रहती है। उसने लड़की से वापस चलने को कहा, मगर उसने इनकार कर दिया। उसने अपने पैरंट्स के लिए मेसेज भिजवाया- अल्लाह ने मेरे लिए अल-शाम(सीरिया) में रहना ही चुना है।

इसके बाद डेनमार्क का यह चैरिटी वर्कर वापस तुर्की आया और खादरा को साथ लेकर सीरिया के मांबिज कस्बे की ओर चला गया, जहां पर दूसरी बहन रहती है। लेकिन बीच में ही आईएस ने इन्हें बंधक बना लिया। आतंकियों को शक था कि ये लोग डेनमार्क और ब्रिटेन के जासूस हैं। कई दिनों तक इन्हें बंधक बनाकर रखा गया और आखिरकार सितंबर में रिहा कर दिया गया।

इब्राहिम और खादरा के 10 बच्चे हैं। उनका 21 साल का बेटा अहमद सोमालिया के आतंकी संगठन अल शबाब की तरफ से लड़ रहा है। उनकी ये दोनों बेटियां डॉक्टर बनने की तैयारी कर रही थीं, लेकिन इंटरनेट पर वे जिहाद की तरफ आकर्षित हो गईं और चुपके से सीरिया रवाना हो गईं।

इन दोनों बहनों ने सोशल मीडिया के जरिए पहले ही साफ कर दिया था कि उनका सीरिया छो़ड़कर वापस ब्रिटेन आने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने बताया था कि वे ग्रेनेड और एके-47 का इस्तेमाल करना सीख रही हैं। कुछ दिन पहले दो बहनों में से एक जाहरा ने ट्वीट किया था, ‘मैं सीरिया के सैनिकों को दी गई मौत का समर्थन करती हूं। यह आत्मरक्षा के लिए किया गया है।’ इसके साथ ही उसने कुछ ऐसी तस्वीरें भी शेयर की थीं, जिनमें कुरान के साथ बंदूकें रखी थीं।

ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस से जब पूछा गया कि क्या इन लड़कियों के पैरंट्स से पूछताछ की गई है, तो जवाब मिला कि सीरिया जाना जुर्म नहीं है।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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