कार्तिक शुक्ल पक्ष दशमी, कलियुग वर्ष ५११६

दमिश्क : आईएसआईएस के आतंकवादियों ने सीरियाई शहर रक्का में सरेआम तीन नागरिकों का सिर काट दिया। ‘अल्लाह के अपमान’ और जादू-टोना करने के मामले में इन लोगों को यह सजा दी गई। संगठन ने इसकी तस्वीरें भी जारी की हैं। उधर, इस्लामिक स्टेट ने आतंक की ट्रेनिंग देने के लिए सीरिया में नया स्कूल खोला है और इसका नाम रखा है – ओसामा बिन लादेन स्कूल।
सरेआम दी मौत की सजा
आईएसआईएस ने जो तस्वीरें जारी की हैं उनमें आतंकी सड़क पर लोगों का सिर काटते दिख रहे हैं। आसपास कई लोग खड़े हैं जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। एक तस्वीर में नकाबपोश आतंकी दिख रहा है जो लाउडस्पीकर के जरिए लोगों के गुनाह पढ़कर सुना रहा है। सभी पीड़ितों की आंखों पर पट्टी और हाथों में हथकड़ियां बंधी दिख रही हैं।
लादेन के नाम पर शुरू किया स्कूल
आईएसआईएस ने आतंक की ट्रेनिंग देने के लिए ओसामा बिन लादेन नाम से एक स्कूल की शुरुआत की है। रिपोर्टों के मुताबिक, उत्तरी सीरिया के छोटे शहर मनबिज में यह स्कूल खोला गया है। इस्लामिक स्टेट के धर्मगुरू यहां के नागरिकों को शरिया कानून की जानकारी दे रहे हैं।
संगठन की प्रांतीय मीडिया ब्रांच ने इससे संबंधित एक प्रोपेगेंडा वीडियो भी जारी किया है। पांच मिनट के इस वीडियो का टाइटल ‘अध्यापकों के लिए शरिया शैक्षिक सत्र’ है। इसमें मनबिज के कुछ नागरिकों को नए स्कूल के फायदों के बारे में बातचीत करते दिखाया गया है।
गौरतलब है कि आईएसआईएस के कब्जे से पहले मनबिज पर फ्री सीरियन आर्मी का नियंत्रण था। जनवरी २०१४ में बशर सेना ने यहां से आईसएआईएस आतंकियों व विद्रोहियों को भगा दिया था। हालांकि, १८ दिनों बाद यहां फिर से आतंकियों का कब्जा हो गया था। कुर्द लड़ाकों ने कई बार इस शहर पर कब्जे की कोशिश की, लेकिन इस्लामिक स्टेट आतंकियों के सामने वे ज्यादा समय नहीं टिक पाए।
रक्का शहर में सरेआम दी गई सजा-ए-मौत की तस्वीरें !

स्त्रोत : दैनिक भास्कर








