कार्तिक शुक्ल पक्ष अष्टमी, कलियुग वर्ष ५११६

नई देहली : आखिर २००२ में साबरमती एक्सप्रेस को फूंकने और उसके बाद भड़के दंगों के कारणों की जांच के लिए बने नानावती कमीशन का कार्यकाल बीते शुक्रवार को खत्म हो गया है। अब वह दो हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। आयोग को कई बार एक्सटेंशन मिला।
आएगा गुजरात दंगों का सच, नानावती कमीशन देगी रिपोर्ट
पहले इस आयोग का कार्यकाल ३० जून, २०१३ को खत्म होना था। तब इसका कार्यकाल १९वीं बार बढ़ाया गया था । इस आयोग का गठन ३ मार्च, २००२ को किया गया था।

साबरमती एक्सप्रेस को फूंका जाना
नानावती आयोग ने २००८ में अपनी जांच के एक हिस्से को सौंप दिया था। उसमें इसने कहा था कि गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस में आग लगाया जाना सुनियोजित साजिश का नतीजा था।
नानावती कमीशन ने अपने कार्यकाल के दौरान सैकड़ों लोगों से बात की ताकि साबरमती एक्सप्रेस को फूंकने और उसके बाद भड़के भयानक दंगों का सच देश के सामने आ सके।
स्त्रोत : वन इंडिया








