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एम.आइ.एम.के कार्यकर्ताओंने हिन्दुओंकी अंत्ययात्राको रोककर पटाखे फोडे !

कार्तिक अमावस्या, कलियुग वर्ष ५११६

  • एम.आइ.एम.का राक्षसी उन्माद रोकने हेतु हिन्दूसंगठन एवं धर्मप्रेमी राजनेता ही चाहिए !
  • मृतदेहके सामने हिन्दूविरोधी घोषणा
  • अंत्ययात्राके लिए आए लोगोंपर तानाशाही

हिन्दुओ, राजनीतिमें एमआइएम के प्रवेशसे होनेवाले भयावह परिणाम ध्यानमें लेकर समय रहते ही सतर्क हों !

aimimसंभाजीनगर (महाराष्ट्र) – यहांके एमआइएम के समूहने १९ अक्तूबरको एक हिन्दूकी अंत्ययात्रा रोककर, अंत्ययात्राके सामने ही ‘कौन आया भाई कौन आया, एमआइएमका शेर आया !,’ ‘उपर छतरी नीचे छाया, भागो हिन्दू ओवैसी आया !,’ तथा ‘अल्ला हो अकबर’ ऐसी घोषणा करते हुए पटाखे भी फोडे । (धर्मांधोंको कानून एवं सुरक्षाका कुछ भी भय न रहनेके कारण एवं आजतकके कार्यकर्ताओंद्वारा उनकी चापलूसीके कारण ही वे इस प्रकारकी उद्दण्डता करनेका साहस करते हैं ! – सम्पादक, दैनिक सनातन प्रभात )

१. चुनावके परिणामके दिन एमआइएम का उम्मीदवार विजयी हुआ, तो धर्मांधोंने हरे रंगको उधेडते हुए पटाखे भी फोडे ।

२. हिन्दूकी मृत्युके कारण उसके सगे-सम्बन्धी दुःखी थे; परंतु धर्मांधोंने उसके घरके सामने भी पटाखे फोडे । सगे-सम्बन्धियोंने दूर जाकर पटाखे फोडनेको कहा; परंतु उन्होंने मृत हिन्दूके सम्बन्धियोंपर धाक जमाकर पटाखे फोडना चालू ही रखा । अंत्ययात्राके लिए आनेवाले लोगोंपर भी तानाशाही की । इसलिए अंत्ययात्राकी सिद्धताको रोकना पडा ।

३. पटाखे फोडना होनेके पश्चात अर्थाको बांधा गया । मृतदेह शववाहिनीसे ले जाते समय भी धर्मांधोंने जाने नहीं दिया । (इस प्रकार हिन्दुओंकी अंत्ययात्रा रोकना- क्या यह पाकिस्तान है ? – सम्पादक, दैनिक सनातन प्रभात ) इसी परिस्थितिसे मार्ग निकालकर शवको श्मशानभूमिमें ले जाना पडा ।

४. इस घटनासे पहरा रखनेकी मांगको लेकर परिसरके हिन्दुओंने पुलिसको प्रार्थना पत्र दिया है । (हिन्दुओ, पुलिसको केवल पहरा देने न कहें, अपितु अंत्ययात्रा रोकनेवाले उद्दण्ड धर्मांधोंपर कठोर कार्यवाही करने हेतु विवश करें ! – सम्पादक, दैनिक सनातन प्रभात)

मुंबईमें बढ रहा है हरा संकट !

एम.आइ.एम. उम्मीदवारकी विजयके निमित्त धर्मांधोंद्वारा मुंबईमें उन्माद !

हिन्दुओ, क्या इस संकटका सामना करने हेतु आप सिद्ध हो ?

मुंबई – एम.आइ.एम.के विधायक वारिस पठान विधानसभा चुनावमें विजयी होनेसे सहस्रो धर्मांधोंने मुंबईमें नागपाडामें उन्हें कंधेपर लेकर जयघोष किया । हरी टोपियां धारण कर हरे रंगको उधेडते हुए धर्मांधोंने हिन्दूविरोधी घोषणा की । इस हरी यात्राको देखकर पुलिस भी भयभीत होगई थी । (हिन्दुओ, यदि पुलिस ही धर्मांधोंसे भयभीत होती है, तो आपकी रक्षा कौन करेगा ? – सम्पादक, दैनिक सनातन प्रभात ) वहां कर्तव्यपरायण पुलिसकी  भी उन्होंने एक न मानी । एम.आइ.एम.नेता अकबरुद्दीन ओवैसीका जयघोष करते हुए उन्होंने नागपाडाके मार्ग हरे कर डाले ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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