कार्तिक कृष्णपक्ष द्वादशी
गंगा नदीके शुद्धीकरण हेतु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने अच्छा दायित्व लिया है; परंतु उसकी शुद्धिके लिए उत्तराखण्ड स्थिति टिहरी बांध हटाना आवश्यक है, गोवर्धनपीठके श्रीमद् जगद्गुुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्री निश्चलानन्द सरस्वतीजीने यहां ऐसा प्रतिपादन किया । उन्होंने आगे कहा कि टिहरी बांधके रहते गंगा नदी शुद्ध करनेका प्रयास करना गंगा माताके गलेके चारों ओर फांस लगाकर उसकी देहकी रक्षा करनेका प्रयास है । गंगा नदीपर होनेवाले अतिक्रमण रोकने तथा उसमें आकर मिलनेवाली नदियोंका शुद्धीकरण करनेकी भी आवश्यकता है । सनातन भारतीय धर्म एवं आस्थाके अनुसार गंगा हमारी माता है एवं उसका स्वयंशुद्ध स्वरूपमें बहना आवश्यक है ।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








