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डॉक्‍टरों पर भड़के बिहारके मुख्यमंत्री मांझी कहा, गरीबों का हक मारा तो काट लेंगे हाथ

कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी, कलियुग वर्ष ५११६

बिहार:सीएम ने लापरवाह अधिकारियों व डॉक्टरों को दी चेतावनी

पकड़ीदयाल (बिहार) : मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कल्याणकारी व विकास योजनाओं से गरीबों को वंचित करनेवाले अधिकारियों और लापरवाह डॉक्टरों व शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि गरीबों का जो हक मारेगा, हम उसकी बांह काट लेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं आते हैं, तो नाम-पता लिख कर सीधे मेरे पास भेजें, ऐसे डॉक्टरों को घर बैठा देंगे। साथ ही उन्होंने सभी पंचायतों में इंटर कॉलेज खोलने की घोषणा की। वह पूर्वी चंपारण जिले में पकड़ीदयाल अनुमंडल अस्पताल के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, अस्पताल में डॉक्टर नहीं रहता है, तो इसकी सूचना डीएम को दें या सीधे पोस्टकार्ड पर अनुपस्थित डॉक्टर का नाम, अस्पताल व अपना नाम लिख कर मुख्यमंत्री के पास सीधे भेजें। वैसे लापरवाह डॉक्टरों को घर बैठा देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, २००९ से २०१४ के लंबित द्वितीय किस्त भुगतान में गड़बड़ी की शिकायत मिली। इसकी जांच करा कर दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। किसी को छोड़ा नहीं जायेगा। चाहे वह विधायक, मुखिया, विकास मित्र ही क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरी जगहों से अफवाह फैलाने की ट्रेंनिंग लेकर बिहार सरकार को बदनाम करनेवालों से बचें।

वैसे प्रशिक्षित लोग पटना में छठ घाट हादसा, रावणवध के दौरान हादसे को अंजाम दे चुके हैं। इनसे बचने की जरूरत है। सरकार स्थिर रहेगी, तो विकास जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने नक्सली की तह में जाकर इस समस्या के समाधान पर जोर दिया। कहा, अमीरी-गरीबी की खाई, दबंगों का अत्याचार और भूमि विवाद नक्सलवाद की जड़ हैं। इन्हें दूर किया जायेगा। सरकार के सार्थक प्रयासों के बाद बहुत से नक्सली हथियार छोड़ चुके हैं।

स्त्रोत : प्रभात खबर

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