हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा आयोजित ‘शौर्यजागरण शिवीर’ !
पुणे : हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से यहां के पांडवनगर में पुणे महानगरपालिका वसाहत में १० मई को शौर्यजागरण शिवीर संपन्न हुआ। उसमें वसाहत के कुल मिलाकर ३६ महिलाएं तथा पुरुष सम्मिलित हुए थे। शिवीर के पश्चात यहां के कुछ युवकों ने उत्स्फूर्तता से त्वरित स्वसंरक्षण प्रशिक्षण वर्ग आरंभ करने की मांग की।

शिविर में प्रस्तुत किए गए उपक्रम एवं मार्गदर्शन
१. इस शिवीर में मर्दानी खेलों के अध्यापक तथा हिन्दूत्वनिष्ठ श्री. कुंडलिक कचाले तथा अल्प आयु से पाठशालेय बालकों तक सम्मिलित हुए युवकों के गुंट ने उत्स्फूर्त रूप से लाठीकाठी तथा दांडपट्टा के प्रात्यक्षिक प्रदर्शित किए।
२. समिति के श्री. विजय चौधरी ने ‘शौर्यजागरण – समय की आवश्यकता’ तथा ‘शौर्यजागरण का महत्त्व’ इस संदर्भ में उपस्थितों को मार्गदर्शन किया।
३. तत्पश्चात ‘स्वसंरक्षण प्रशिक्षण की आवश्यकता’ इस विषय पर समिति प्रणित रणरागिणी शाखा की कु. क्रांती पेटकर ने प्रभावी मार्गदर्शन किया।
४. इस मार्गदर्शन के पश्चात समिति के कार्यकर्ताओं ने मिल कर स्वसंरक्षण के संदर्भ में कुछ प्रात्यक्षिक प्रदर्शित किए।
वैशिष्ट्यपूर्ण
१. यह शिवीर गार्गी फाऊंडेशन के श्री. विजय गावडे तथा अमरज्योत मित्र मंडल के सदस्य कु. आर्य गावडे ने आयोजित किया था। साथ ही उन्होंने शिवीर की सिद्धता भी की थी !
२. शिवीर के पश्चात अनेक महिलाओं ने बताया कि, ‘शौर्यजागरण अभियान अत्यंत प्रशंसनीय है। हर व्यक्ति को स्वसंरक्षण प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। यहां महिलाओं के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया गया, तो हम उपस्थित रहेंगे तथा अन्य महिलाओं को भी साथ में लेकर आयेंगे !
३. एक साढेचार वर्ष आयु के बालक ने लाठीकाठी का प्रात्यक्षिक प्रदर्शित किया। वह देखकर उपस्थित सभी लोगों को यह प्रतीत हुआ कि, हमें भी यह सीखना चाहिए !
४. श्री. विजय गावडे की माताजी ने बताया कि, ‘मैं मेरी पोती को स्वसंरक्षण प्रशिक्षण सीखने हेतु वर्ग में भेजूंगी !’
क्षणिका : उस समय सनातन निर्मित सात्विक उत्पाद एवं ग्रंथों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई थी।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








