कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी, कलियुग वर्ष ५११६
ऐसे व्यापारी सर्वत्र हों !
सांगली (महाराष्ट्र) – पटाखोंके कारण वायु एवं ध्वनिप्रदूषण होता है । इसलिए हरभट रस्ताके १० से अधिक व्यापारी पिछले १० वर्षोंसे पटाखे नहीं फोडते । इस विषयमें ‘गायत्री होजियरी’के श्री. अजीत किल्लेदारने कहा कि १० वर्ष पूर्व भगाटे स्टील सेंटरके श्री. वर्धमान भगाटे, श्रीदेवी मैचिंग सेंटरके श्री. विजय माबानी, ‘अशोक टाइपिंग ब्युरो’के श्री. अविनाश कुलकर्णी, देकिसन्स फार्माके श्री. रामभाऊ कुलकर्णी, गद्रे टी कम्पनीके श्री. वसंत गुळवणी, इमोशन्सके श्री. कोल्हटकर, तथा अन्य, हम कुछ ऐसे लोगोंने एकत्रित आकर ‘प्रदूषणमुक्त दीपावली’ हेतु पटाखे न फोडनेका निर्णय लिया एवं वह आजतक चालू है । हम ऐसा मानते हैं कि पर्यावरणकी रक्षाके लिए केवल भाषण न करते हुए स्वयंसे आरम्भ करना चाहिए । इस विषयमें पटाखे न फोडनेके सन्दर्भमें हमारी दुकानमें आनेवाले ग्राहकोंका भी हम प्रबोधन करते हैं ।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








