नवरात्रि : महिषासुरमर्दिनी मां श्री दुर्गादेवीका उत्सव

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सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके ।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते ।।

नवरात्रि महिषासुर मर्दिनी मां श्री दुर्गादेवीका त्यौहार है । देवीने महिषासुर नामक असुरके साथ नौ दिन अर्थात प्रतिपदासे नवमीतक युद्ध कर, नवमीकी रात्रि उसका वध किया । उस समयसे देवीको ‘महिषासुरमर्दिनी’ के नामसे जाना जाता है । जगमें जब-जब तामसी, आसुरी एवं क्रूर लोग प्रबल होकर, सात्त्विक, उदारात्मक एवं धर्मनिष्ठ सज्जनोंको छलते हैं, तब देवी धर्मसंस्थापना हेतु पुनः-पुनः अवतार धारण करती हैं । उनके निमित्तसे यह नवरात्रिका व्रत है । नवरात्रिमें देवीतत्त्व अन्य दिनोंकी तुलनामें १००० गुना अधिक कार्यरत होता है । देवीतत्त्वका अत्यधिक लाभ लेनेके लिए नवरात्रिकी कालावधिमें ‘श्री दुर्गादेव्यै नमः ।’ नामजप अधिकाधिक करना चाहिए ।

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