पालघर में २८ अगस्त को जिलास्तरीय हिन्दू अधिवेशन !
धर्मपरिवर्तन, आतंकवाद, लव्हजिहाद तथा गोहत्या आदि धर्म पर आघात करनेवाले विषयों पर विचार-विमर्श एवं कृति कार्यक्रम सिद्ध होगा !

पालघर : भारत एक हिन्दूबहुसंख्यक देश होते हुए भी देश में दिनोंदिन गोहत्या, मंदिर सरकारीकरण, लव्हजिहाद, धर्मपरिवर्तन आदि धर्माविरोधी घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ये आघात रोकने हेतु ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित करना ही एकमात्र पर्याय है। राष्ट्रीय स्तर के कार्य के समान जिला स्तर पर भी स्थानीय हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के माध्यम से हिन्दुत्व का कार्य चल रहा है। गोवा में आयोजित अखिल भारतीय हिन्दूु अधिवेशन से प्रेरणा लेकर हिन्दू जनजागृति समिति एवं हिन्दू गोवंश रक्षा समिति की ओर से २८ अगस्त को नालासोपारा चावडीनाका के श्री महाकाली मंदिर के सभागृह में एकदिवसीय जिलास्तरीय हिन्दू अधिवेशन आयोजित किया गया है।
इस अधिवेशन में अधिवक्ता, आधुनिक वैद्य, संपादक, पत्रकार, उद्योजक तथा विविध संप्रदायों के साथ २० हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के कुल मिला कर ८५ धर्माभिमानी सम्मिलित होंगे तथा धर्मपरिवर्तन, आतंकवाद, लव्हजिहाद तथा गोहत्या आदि धर्म पर आघात करनेवाले विषयों पर विचार-विमर्श एवं कृति कार्यक्रम सिद्ध होगा।
हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. नरेंद्र सुर्वे ने २६ अगस्त को आयोजित पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी। इस पत्रकार परिषद में मातृभूमि प्रतिष्ठान के अध्यक्ष श्री. जितेंद्र हजारे, बजरंग दल के जिला संयोजक श्री. शिवकुमार पांडे, हिन्दू गोवंश रक्षा समिति के प्रवक्ता श्री. दीप्तेश पाटिल, सनातन संस्था की श्रीमती नयना भगत उपस्थित थे।
अन्य मान्यवरोंद्वारा प्रस्तुत किये गये विचार ….
अधिवेशन के माध्यम से संगठित रूप से धर्मकार्य किया जाएगा ! – श्री. दीप्तेश पाटिल, प्रवक्ता, हिन्दू गोवंश रक्षा समिति
नालासोपारा, वसई, विरार आदि क्षेत्र में ईसाई मिशनरियोंद्वारा भारी मात्रा में आराम से ‘चंगाई’ की सभाएं चल रही हैं। गोवंशियों की हत्याएं भी की जा रही हैं। उन्हें रोकने हेतु गोवंश रक्षा समिति के माध्यम से हमारा कार्य चल रहा है; परंतु इसे रोकने हेतु वैधानिक रूप से जो कार्रवाई होनी चाहिए, वह होती दिखाई नहीं देती। अतः हिन्दुओं को संगठित रूप से कार्य करना आवश्यक है। अधिवेशन के माध्यम से संगठित धर्मकार्य संभव होगा।
राष्ट्रविषयक समस्याओं के निरसन हेतु अधिवेशन में एक कृति संरचना निश्चित की जाएगी ! – श्री. शिवकुमार पांडे, जिला संयोजक, बजरंग दल
स्वयं पर होनेवाले अन्याय के विषय में हिन्दुओं में गंभीरता नहीं है। नालासोपारा में इसिस का प्रसार बढ रहा है। इस विषय में हिन्दुओं को सतर्क रहना चाहिए। देश का नमक खानेवाले देशद्रोही वक्तव्य करते हैं एवं उन्हें प्रसिद्ध किया जाता है। जेएनयु में घटी सभी घटनाएं आलोचनीय है। वर्ष १९९० से अभी तक कश्मीरी पंडितों के पुनर्वसन का प्रश्न मिटा नहीं है। इन सभी समस्याओं के निरसन हेतु अधिवेशन में विचार-विमर्श होकर एक कृति संरचना निश्चित की जाएगी।
बिना हिन्दूसंगठन के पर्याय नहीं है ! – श्री. जितेंद्र हजारे, अध्यक्ष, मातृभूमि प्रतिष्ठान, नालासोपारा
नालासोपारा अपराधियों का बडा केंद्र बन रहा है। इस क्षेत्र में नाइजेरिन लोगों की बस्ती बढ रही है एवं उस के आसपास के लोगों का कष्ट सहन करना पड रहा है। इस विषय में मातृभूमि प्रतिष्ठान की ओर से पुलिस को ज्ञापन देकर भी कार्रवाई नहीं हुई। राज्य में वसई धर्मपरिवर्तन का केंद्र ही बन गया है। इन समस्याओं पर हल ढूंढने हेतु हिन्दूसंगठन अनिवार्य है।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








