राम मंदिर के निर्माण हेतु योगी आदित्यनाथजी को बनाया जाए मुख्यमंत्री : हजारो संतोंकी एकस्वरतासे मांग

केवल हिंदू संतही हिन्दू समाज का खरे अर्थ से नेतृत्व कर सकते है, इसका प्रमाण देनेवाली यह मांग जल्द पुरी हों, एेसी हिन्दुआेंकी अपेक्षा है – सम्पादक, हिन्दूजागृति

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लखनऊ – गोरखनाथ मंदिर में चल रही राष्ट्रीय संत सभा की चिंतन बैठक में गोरक्षपीठाधीश्वर व सदर सांसद महंत योगी आदित्यनाथजी को राम मंदिर निर्माण शुरू कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प किया गया । भाजपा को नसीहत देते हुए कई संतों ने साफ कहा कि, यदि सर्वोच्च न्यायालयद्वारा मंदिर निर्माण के पक्ष में निर्णय आता है तो सपा-बसपा की सरकार रहते निर्बंध रूप से मंदिर का निर्माण संभव नहीं हो पाएगा। इसके लिए प्रदेश में भाजपा की सरकार और योगी आदित्यनाथजी का मुख्यमंत्री बनना आवश्यक है ।

श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण, धर्मांतरण रोकने हेतु कानून बनाने, समान नागरिक संहिता लागू करने, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और मां गंगा की पुनर्प्रतिष्ठाना जैसे विविध हिंदू समस्याआेंकी चुनौतियों व उनके समाधान पर यह बैठक केंद्रित रही। भाजपा नेतृत्व से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथजी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत करने की मांग की। इस मांग का धर्मसभा के अध्यक्ष गोविन्द देवगिरी, महामंडलेश्वर विश्वेश्वरदास सहित अनेक संतों ने समर्थन करते हुए योगी को सम्मानित किया।

स्वामी गोविन्द देव गिरी ने कहा कि यद्यपि संत सभा का कार्य मुख्यमंत्री कौन हो, यह घोषित करना नहीं है, किंतु इसमें कोई संदेह नहीं कि मंदिर निर्माण के लिए जो अपना सबकुछ दांव पर लगा दे, जो उसके लिए प्रतिबद्ध हो, संत सभा व उसके संत उसी के पीछे खड़े हैं और खड़े होंगे।

अध्यक्षता करते हुए स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि संतसभा राजनीतिक मंच नहीं है तथापि सत्ता को हम निरंकुश नहीं होने दे सकते।

महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद ने कहा, ‘समान नागरिक संहिता’ भारत की एकता-अखंडता की आवश्यक शर्त है। भारत धर्मशाला नहीं, एक सनातन राष्ट्र है।

गाजियाबाद के महंत महामंडलेश्वर नारायण गिरि ने कहा कि, गांव-गांव में संत सामाजिक समरसता का मंत्र लेकर जाएं।

आभार ज्ञापित करते हुए योगी आदित्यनाथजी ने कहा कि, संत राष्ट्र जागरण का हिस्सा बनें। वर्तमान युग में हिन्दू समाज की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों परंपराओं का संत वाहक बनें। एक हाथ में लोटा तो दूसरे में सोटा हो, एक हाथ में खप्पर तो दूसरे हाथ में दंड धारण करें। शरीर तभी रोगों से लड सकता है जब प्रतिरोधक क्षमता ठीक हो। समाज को संगठित करना होगा। धर्मांतरण को रोकने हेतु घर वापसी का मार्ग प्रशस्त करना होगा।

धर्मसभा में लिए गए मुख्य निर्णय

  • केंद्र सरकार रामजन्मभूमि के निर्माण की बाधाओं को दूर करने की पहल करे !
  • उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा सरकार रहते निर्माण संभव नहीं। अतः योगी आदित्यनाथजी को मुख्यमंत्री बनाए !
  • धर्मपरिवर्तन बंद हो। घरवापसी का हिन्दू समाज स्वागत करे !
  • समाज के अंतिम व्यक्ति को सम्मान दिया जाए।
  • देश में सामान नागरिक संहिता लागू की जाए।
  • भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित किया जाए।

स्त्रोत : जागरण

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