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प्रशासनद्वारा यदि मंदिरोंको हाथ लगाया गया, तो शिवसेना जनआंदोलन खडा करेगी ! – कोल्हापुर (महाराष्ट्र) के शिवसेना विधायक श्री. राजेश क्षीरसागरद्वारा चेतावनी

‘नोटिस’ भेजने के निषेधार्थ एवं मंदिरोंके संरक्षणार्थ शिवसेना का महापालिका पर मोर्चा

मंदिरोंके संरक्षणार्थ कोल्हापुर महानगरपालिका पर मोर्चा निकालनेवाले शिवसेना के विधायक श्री. राजेश क्षीरसागर एवं सभी शिवसैनिकों का अभिनंदन !

महापालिका के सामने ‘घंटानाद आंदोलन’ एवं श्री गणपति की आरती

महापालिका के समक्ष ‘घंटानाद आंदोलन’ करते हुए विधायक श्री. राजेश क्षीरसागर के साथ शिवसैनिक

कोल्हापुर (महाराष्ट्र) : सर्वोच्च न्यायालयद्वारा दिए निर्देश के अनुसार कोल्हापुर महापालिकाद्वारा अवैधानिक धार्मिक स्थलोंपर कार्रवाई करने के विषय में प्रत्यक्ष नोटिस दे कर कार्रवाई करने के निर्देश लागू किए गए हैं।

वस्तुतः बार-बार इस पद्धति से दिए जानेवाले आदेशोंके कारण समाज में शांति एवं मित्रता भंग होने की संभावना है !

मंदिरोंके विषय में प्रशासन की यह दमननीति नहीं सहन की जाएगी। यदि प्रशासनद्वारा मंदिरोंको हाथ लगाया गया, तो शिवसेना शांत नहीं रहेगी। प्रशासनद्वारा हिन्दुओंकी भावनाएं आहत न हों, इस पर ध्यान दें, अन्यथा मंदिरोंकी सुरक्षा हेतु शिवसेना सड़क पर आकर जनआंदोलन खडा करेगी, शिवसेना के विधायक श्री. राजेश क्षीरसागरद्वारा आज महापालिका के आयुक्त श्री. शिवशंकर को ऐसी चेतावनी दी गई।

मंदिरोंपर होनेवाली कार्रवाई का निषेध करने हेतु शिवसेनाद्वारा २६ नवंबर को दोपहर १२ बजे महापालिका पर मोर्चा निकाला गया।

इस अवसर पर महापालिका के प्रवेशद्वार के सामने शिवसेनाद्वारा ‘घंटानाद आंदोलन’ कर तदुपरांत महापालिका के अहाते में विट्ठल रामजी चौक पर गणेश मंदिर के सामने शिवसेनाद्वारा श्री गणपति की ‘महाआरती’ की गई।

इस आंदोलन में शिवसेना नगरप्रमुख सर्वश्री शिवाजी जाधव, दुर्गेस लिंग्रज, नगरसेवक अभिजीत चौहान, राहुल चौहान, शिवसेना के भूतपूर्व जिलाप्रमुख प्रा. विजय कुलकर्णी, शिवसेना गुटनेता नियाज खान तथा नगरसेविका श्रीमती प्रतिज्ञा निल्ले के साथ अन्य शिवसैनिक उपस्थित थे।

शनिवार पेठ में शिवसेना के कार्यालय से लेकर महापालिका तक मोर्चा निकाला गया।

आयुक्त श्री. शिवशंकर से चर्चा करते हुए श्री. राजेश क्षीरसागर ने कहा ….

१. नगर में अनेक अवैधानिक निर्माण कार्य किए जाते समय उन्हें दुर्लक्षित कर सिर्फ हिन्दू धर्म के आस्थास्त्रोतोंको ‘लक्ष्य’ करने का कार्य किया जा रहा है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। जिन मंदिरोंके लिए महापालिका प्रशासनद्वारा सूचनाएं (नोटिस) दी गई हैं, ऐसे सभी मंदिरोंकी सुरक्षा हेतु शिवसैनिक सड़क पर उतरेंगे !

२. हिन्दू धर्मियोंके मंदिरोंके विषय में लिए गए निर्णय पर कार्रवाई करने की तत्परता दिखाई जाती है; परंतु महापालिका के साथ पुलिस प्रशासनद्वारा भी अन्य धर्मियोंके प्रार्थनास्थलोंके विषय में इसी न्यायालयद्वारा पिछले अनेक वर्षोंसे आदेश देकर भी उन पर कार्रवाई करने के आदेशोंका उल्लंघन किया जा रहा है !

३. ऐसे निर्देशोंपर कार्रवाई करते समय प्रशासन को चाहिए कि, समाज में सांप्रदायिक वैमनस्य उत्पन्न न हो, मित्रता बनी रहे एवं कानून एवं सुरक्षा का प्रश्न उपस्थित न होने की दृष्टि से निर्णय लिया जाए !

४. अनेक मंदिरों में नगर के प्रसिद्ध मंदिरोंका समावेश होने से उनके विषय में हिन्दू धर्मियोंकी भावनाएं तीव्र स्वरूप की हैं। प्रशासनद्वारा उनकी भी भावनाएं आहत न हो इसका विचार किया जाना
चाहिए !

क्षणिकाएं

१. शिवसैनिकोंद्वारा ”हिन्दू धर्म के आस्थास्त्रोतोंको ‘लक्ष्य’ करनेवाले महापालिका प्रशासन का धिक्कार हो !’, ‘मंदिरोंपर कार्रवाई करने की अपेक्षा अवैधानिक निर्माण कार्य तोडे जाएं !’, ‘मंदिरोंके विषय में प्रशासनद्वारा होनेवाला दमन नहीं सहन किया जाएगा’, ऐसी घोषणाओंके फलक हाथ में धारण किए गए थे।

२. शिवसैनिकोंद्वारा घोषणा करते हुए किया, प्रशासन का निषेध !

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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