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झारखंड में बने धर्मांतरण विरोधी कानून : विश्व हिंदू परिषद

रांची – झारखंड के गुमला जिले में कथित रूप से बड़ी संख्या में जनजातीय लोगों का धर्मांतरण कर उन्हें ईसाई बनाए जाने के मामले पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की मांग की है। विश्व हिन्दू परिषद के नेता प्रमोद मिश्रा ने बताया, ‘झारखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया जाना चाहिए। जनजातीय लोगों का धर्मांतरण कर ईसाई पादरी चुपचाप अपने एजेंडे पर काम कर रहे हैं।’

प्रमोद मिश्रा

मिश्रा ने कहा, ‘पिछले १५ दिनों में, नौ जनजातियों में से एक असुर जनजाति के ३०० से अधिक लोगों का धर्मांतरण कर उन्हें ईसाई बनाया गया।’ गुमला जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, घाघरा और विसुपुर ब्लॉक के करीब १०० लोगों ने ईसाई धर्म अपनाया। स्थानीय मीडिया का कहना है कि, यह आंकडा और भी बढ सकता है। जिला प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून है और विश्व हिन्दू परिषद ने झारखंड सरकार से भी इसे लागू किए जाने की मांग की है। विश्व हिन्दू परिषद के ‘घर वापसी’ अभियान के बारे में पूछे जाने पर मिश्रा ने कहा, ‘घर वापसी अभियान में लोग अपने मूल धर्म में लौट आते हैं। हम किसी पर हिंदू धर्म अपनाने के लिए दबाव नहीं डालते हैं।’

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

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