‘सिंहस्थ पर्व – नासिक !’
पर्व का दूसरा राजयोग (शाही) स्नान !

नासिक (महाराष्ट्र) : १२ सितंबर को पिठोरा अमावस्या एवं श्रावणी अमावस्या ऐसा दुर्लभ योग आने के कारण देशभर से आए भक्तोंने कुशावर्त क्षेत्र में स्नान कर पुण्यप्राप्ति के योग का लाभ लिया।
१३ सितंबर को पर्व का दूसरा राजयोग (शाही) स्नान था; परंतु इस दिन की ग्रहस्थिति कुछ मात्रा में १२ सितंबर को भी थी। इस लिए भक्तोंद्वारा १२ सितंबर को स्नान हेतु नासिक के कुंड में सवेरे से भीड की गई। चंद्र, सूर्य एवं गुरुसिंह राशि में आने के इस दुर्लभ योग के अवसर पर स्नान करने हेतु भारी संख्या में भक्त आए थे। प्रथम शाहीस्नान के समय पुलिस की कडी व्यवस्था थी। इस समय वैसी व्यवस्था न रहने से सहस्रों भक्त खुलेपन से स्नान कर प्रसन्न हुए।
११ सितंबर की रात्रि से ही नासिकक्षेत्र में भक्तोंकी भीड आरंभ हो गई थी।
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात









