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महामंडलेश्वरकी नियुक्ति पर प्रतिबंध ! – महंत ग्यानदास, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाडा परिषद

नाशिक सिंहस्थपर्व में सम्मिलित तथाकथित साध्वी त्रिकाल भवन्ता का पोल खुल जाने के संदर्भ में !

अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष महंत ग्यानदास महाराज

नाशिक (महाराष्ट्र) : महामंडलेश्वर पद के सर्व प्रकार के नियुक्तीयोंको अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष महंत ग्यानदास महाराजद्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

तथाकथित साध्वी त्रिकाल भवन्ता के स्टिंग आपॅरेशन के पश्चात् १५ लक्ष में महामंडलेश्वर तथा ४० लक्ष में शंकराचार्य इस सूत्र के संदर्भ की चर्चा सर्वत्र होने लगी। इस पार्श्वभूमि पर पाखंडी साधुओंपर वचक बिठाने के लिए पूरे देश में यह निर्णय घोषित किया गया है।

साध्वी त्रिकाल भवन्ता

सिंहस्थपर्व महिला, साथ ही साध्विओंपर अन्याय करना, इसकेद्वारा भावना को छूना, साथ ही माध्यमोंके साथ विचारविमर्श करना, साथ ही शंकराचार्य, महामंडलेश्वर, महंत की नियुक्ति पर समांतर अखाडा परिषद का प्रबंध करना तथा उसकेद्वारा लक्षावधी रुपएं की उलाढाल करना एवं धन प्राप्त करना, इस प्रकार के व्यावसायिक नियोजन करनेवाली तथाकथित साध्वी त्रिकाल भवन्ता के पाखंडीपन का पोल साध्वी शिवानी दुर्गा ने स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से स्पष्ट किया है।

इस संदर्भ में महंत ग्यानदास महाराज ने यह स्पष्ट किया है कि, अखाडा परिषद, साथ ही साधुओंको पाखंडी साधुओंके संदर्भ में पूरी कल्पना है; किंतु साधारण नागरिक, श्रध्दालु तथा समाज को पूरी तरह से जानकारी न होने के कारण वे भगवे कपडे परिधान करनेवालोंको साधु मानते हैं। इस से यह गडबडी होती है। अतः इस के पश्चात पार्श्वभूमि की छानबीन करने के पश्चात साथ ही दस-बारह वर्ष में उनकेद्वारा किए गए कार्य का ब्यौरा प्राप्त होने के पश्चात ही इस प्रकार की नियुक्ति करनी चाहिए। ऐसी नियुक्ति निरस्त की जाएगी, साथ ही किसी की भी नए रूप से नियुक्ति नहीं होगी।

जनपद प्रशासनद्वारा भवन्ता को नोटीस प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आरंभ !

अभी तक निरंतर पत्रकारोंके संपर्क में रहनेवाली पाखंडी साध्वी त्रिकाल भवन्ता आज नाशिक से बाहर गई है। त्रिकाल भवन्ता ने कक्ष में पत्रकार परिषद का आयोजन कर शासकीय धन का दुरुपयोग किया है। इस संदर्भ में जनपद प्रशासन ने उनपर याचिका प्रविष्ट करने की प्रक्रिया आरंभ की है।

त्रिकाल भवन्ता के संपर्क में रिपाई के पदाधिकारी तथा छावा संगठन के कार्यकर्ताएं हैं। इन दोनोंकी पार्श्वभूमि वादपीडित है। पुलिस ने अलाहाबाद के पुलिस आयुक्त को पत्र भेज कर उनके संदर्भ में अधिकृत रूप से जानकारी की मांग की है।

साध्वी त्रिकाल भवन्ता के पाखंडीपन का पोल साध्वी शिवानी दुर्गा ने स्टिंग ऑपरेशनद्वारा खोल दिया है। इस संदर्भ में साध्वी शिवानी दुर्गा ने पत्रकार परिषद का आयोजन किया। उस समय उन्होंने बताया कि, सिंहस्थ की तथा साधुओंकी अपकीर्ती करने का कार्य आरंभ था। स्टिंग ऑपरेशन के कारण ये फंसाने का प्रकार स्पष्ट हुए है। उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
(संदर्भ : दैनिक सकाळ संकेतस्थल)

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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