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मुंबई उच्च न्यायालय द्वारा केंद्रशासन एवं एअरटेल आस्थापनों को अपना कहना प्रस्तुत करने का आदेश

‘हिन्दू जागृति डॉट ओर्ग’ जालस्थल पर अवैध रूप से प्रतिबंध लगाए जाने का प्रकरण

मुंबई – एअरटेल इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर ने हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा हिन्दू जागृति डॉट ओ. आर. जी.जालस्थल दर्शाए जाने पर प्रतिबंध लगाया  है । इसके विरुद्ध समिति ने केंद्रशासन एवं एअरटेल आस्थापन को बार-बार परिवाद किए; परंतु उचित प्रतिसाद न मिलने के कारण अंततः समिति ने मुंबई उच्च न्यायालय में उनके विरुद्ध याचिका प्रविष्ट की । इस याचिका पर ३ अगस्त को हुई सुनवाई के समय न्या. अभय ओक एवं न्या. रेवती मोहिते-डेरे के खंडपीठ ने केंद्रशासन एवं एअरटेल आस्थापन को न्यायालय में अपना कहना प्रस्तुत करने का आदेश दिया ।

समाज में हिन्दू जागृति डॉट आॅर्ग जालस्थल भारी मात्रा में देखा जाता है । प्रतिदिन २५ सहस्रों से अधिक लोग इस जालस्थल को भेंट देते करते हैं । अनेक लोग दूरध्वनि पर इस जालस्थल काे भेंट देते हैं । ऐसी स्थिति में भी जून २०१५ के अंतिम सप्ताह से एअरटेल एवं बीएसएनएल., यू ब्रॉडबैंड तथा MTS, तिकोना आस्थापन की इंटरनेट सेवा प्रयुक्त करनेवालों को इस जालस्थल को भेंट देना असंभव हो रहा था । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने न्यायालय में अपना पक्ष प्रस्तुत किया । इस याचिका पर अगली सुनवाई २ सितंबर को होगी ।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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