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सिंहस्थ पर्व के उपलक्ष्य में टिकट मूल्यवृद्धि करने से जगद्गुरु शंकराचार्य क्रोधित !

ये कैसा हिन्दू राज्य ? – जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती

नासिक (महाराष्ट्र) : सिंहस्थ पर्व के उपलक्ष्य में रेल प्रशासनद्वारा टिकट मूल्य में वृद्धि करने से द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती बहुत क्रोधित हुए।

यहां आयोजित एक पत्रकार परिषद में टिकट मूल्यवृद्धि के विषय में प्रश्न पूछते ही उन्होंने मोदी शासन से ‘ये कैसा हिन्दू राज्य ?’, ऐसा संतप्त प्रश्न किया। सिंहस्थ पर्व की पाश्र्वभूमिपर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती दो दिन की नासिक यात्रा पर हैं तथा उन्होंने दोनों स्थानोंकी व्यवस्था की देखभाल की। इस अवसर पर पत्रकारोंने उन्हें विविध विषयों पर प्रश्न पूछे।

शंकराचार्यजी ने आगे कहा,

१. शासन हज के लिए अनुदान देता है; तो पश्चात सिंहस्थ पर्व को क्यों नहीं देता ? यहां प्रत्येक भक्त आकर स्नान करता है, तो उस से पैसे क्यों लिए जाते हैं ?

२. शासन उज्जैन में ‘साधु-संतोंके साथ सर्वसाधारण भक्तोंको भी सब सुविधाओंकी पूर्ति करता है, तो पश्चात सिंहस्थ के संदर्भ में रेल के मूल्य में वृद्धि क्यों करता है ?

३. सिंहस्थपर्व को आनेवाले सभी भक्तोंको आने-जाने, खाने-पीने तथा उनके स्वास्थ्य के लिए सब सुविधाएं देनी चाहिए।

४. पर्व काल में केवल साध्वियोंको ही नहीं, अपितु सभी को स्नान करने का समान अधिकार है।

गोदावरी नदी को प्रदूषित करना पाप है !

गोदावरी नदी के प्रदूषण के विषय में बोलते हुए शंकराचार्यजी ने कहा कि गोदावरी नदी में मल-मूत्र छोडना, थूकना, गंदा करना आदि माध्यमोंसे उसे प्रदूषित किया जाता है। इस नदी का संबंध गौतमी ऋषि से है। गोदावरी नदी प्रदूषित करना पाप है। मैंने भी आज सवेरे गोदावरी नदी में स्नान किया; परंतु वहां कपडे नहीं धोए। गोदावरी नदी की पवित्रता को संजो कर रखना चाहिए।

महत्त्वपूर्ण सूत्रोंके विषय में शंकराचार्य के मत !

१. अयोध्या में राममंदिर का ही निर्माण कार्य करना चाहिए। उस भूमि के ३ टुकडे कर उन में एक मुसलमानोंको दिया गया है। इस के विरोध में हमारा संघर्ष चालू है; क्योंकि पूरी भूमि ही रामजन्मभूमि है। तिसरा भाग मुसलमानोंको देने से वहां मस्जिद का निर्माण कार्य होगा। मंदिर एवं मस्जिद पास में रहने से लडाई होने की संभावना है।

२. शिक्षापद्धति में हिन्दू धर्म की शिक्षा होनी चाहिए। महिलाओंपर बढते अत्याचार रोकने हेतु हिन्दू धर्म की शिक्षा आवश्यक है। हिन्दू धर्म की शिक्षा से षडरिपू  पर मात करना संभव है।

३. पूरे देश में गोहत्या बंदी कानून लागू करें !

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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