
उज्जैन – मध्य प्रदेश के उज्जैन में बारिश और बाढ़ के कहर से निपटने के लिए डीएम और एसपी ने पूजा-पाठ का सहारा लिया है। बारिश से उफनर कोती क्षिप्रा नदी का पानी शहर के कई इलाकों में घुस गया है। जिला कलेक्टर कवीन्द्र कियावत और एसपी मनोहर वर्मा जब रविवा क्षिप्रा में बाढ़ के हालात की जानकारी लेने पहुंचे तो उन्होंने घाट पर क्षिप्रा को मनाने के लिए पूजा भी की। उन्होंने बताया कि उज्जैन के कुछ पुराने लोगों ने उन्हें बताया था कि यहां क्षिप्रा के पूजन की परंपरा है। हम लोक मान्यता की इस परंपरा को निभाने आए थे।
उज्जैन में क्षिप्रा का पानी शहर के कई निचले इलाकों में घुस चुका है और नदी किनारे बने मंदिरों के सिर्फ गुंबद ही डूबने से बचे हैं। यहां प्रदेश में सबसे ज्यादा २४ घंटे में १७.५ इंच बारिश हुई है।
सडक, पटरी और पुल डूबे, उफान पर आई नदी
उज्जैन में क्षिप्रा के अलावा गंभीर नदी भी उफान पर है। रामघाट पर क्षिप्रा का पानी घाट पर बने मंदिर और पुल तक पहुंच गया है। सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया है और कई काॅलोनियों में घुटने-घुटने तक पानी भर गया है। गंभीर नदी पर बना बांध भर गया है जिसके कारण प्रशासन ने तत्काल दो गेट खोल दिए हैं। ५००० लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। शनिवार से हो रही बारिश के कारण इंदौर, देवास, धार, सोनकच्छ जैसे इलाकों में भी पानी भर गया है।
स्रोत: भास्कर








