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मुंबई धमाका : याकूब मेमन का डेथ वारंट जारी, ३० जुलाई को होगी फांसी

नई दिल्ली : मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को इसी महीने की ३० जुलाई को फांसी दी जा सकती है। मुंबई की टाडा कोर्ट ने ५३ साल के याकूब का डेथ वारंट जारी कर दिया है। याकूब मेमन को नागपुर जेल में ३० जुलाई को फांसी दी जा सकती है।

टाडा कोर्ट ने २७ जुलाई २००७ को याकूब को आपराधिक साजिश का दोषी करार देते हुए मौत की सजा दी थी। इसके बाद उसने बॉम्बे हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति तक के पास अपील की, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने याकूब की फांसी की तारीख को पहले ही मंजूरी दे दी है। कोर्ट और नागपुर प्रशासन को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। याकूब के परिवार को भी इस बारे में बता दिया गया है।

कानून के मुताबिक, किसी भी अपराधी को फांसी से १५ दिन पहले उसके परिवार को जानकारी देना जरूरी है। जेल में याकूब के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। उस पर किसी तरह का शारीरिक या मानसिक दबाव नहीं है। उसने अपने वकील से मिलने से भी इनकार कर दिया है। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट याकूब के वकीलों की दलील थी कि वह सिर्फ धमाकों की साजिश में शामिल था न कि धमाकों को अंजाम देने में।

इस मामले में विशेष टाडा अदालत ने १० अन्य दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। उसे सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया। कोर्ट ने कहा था कि इन लोगों की भूमिका मेमन की भूमिका से अलग थी। इन्होंने मुंबई में विभिन्न स्थानों पर विस्फोटक से लदे वाहन खड़े किए थे। मुंबई में १२ मार्च १९९३ को भीड़ भरे १२ स्थानों पर हुए इन विस्फोटों में २५७ लोग मारे गए और ७०० से अधिक घायल हो गए थे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की २८ मंजिला इमारत की बेसमेंट में दोपहर डेढ़ बजे धमाका हुआ। इसमें करीब ५० लोग मारे गए थे।मुख्य साज़िशकर्ता टाइगर मेमन का भाई याकूब मेमन नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है।

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री रंजीत पाटिल कहा कि याकूब की फांसी के समय पर अबतक फैसला नही लिया जा सका है। मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फांसी देने के आदेश दे दिए हैं लेकिन किस दिन और किस वक्त फांसी दी जाएगी इसकी प्रक्रिया जारी है। २२ साल बाद लोगों को इंसाफ मिलेगा।

स्त्रोत : आय बी इन

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