कर्नाटक सरकार के मंत्री शिवराज तंगडगी को प्रखर हिंदुत्वनिष्ठ नेता चक्रवर्ती सुलेबेले की चुनौती

बेंगलुरु (कर्नाटक) – ‘वन्दे मातरम्’ की 2 कड़वियों से अधिक पक्तियां गाने पर मंत्री तंगडगी कार्रवाई करने वाले हैं। शाबाश! स्वतंत्रता संग्राम की सांस रहे ‘वन्दे मातरम्’ को गाने के लिए उस समय कोतवाल की अनुमति लेनी पड़ती थी; लेकिन हम यह चुनौती स्वीकार कर रहे हैं।
कल भी हमने पूरा ‘वन्दे मातरम्’ गाया था, आज भी गाएँगे और कल भी गाएँगे। अब से मंच पर होने वाले सभी कार्यक्रमों का समापन पूरे ‘वन्दे मातरम्’ के साथ ही होने दें। हिम्मत है तो कार्रवाई करें, ऐसा प्रत्युत्तर प्रखर हिंदुत्वनिष्ठ नेता चक्रवर्ती सुलेबेले ने मंत्री तंगडगी को दिया।
Vande Mataram is not up for negotiation.
You want to threaten action for singing more than two stanzas? Try it.
We sang it yesterday, we are singing it today, and we will keep singing it tomorrow—no matter what.
Challenge accepted. pic.twitter.com/7fAKto4sTc— Chakravarty Sulibele (@astitvam) September 18, 2026
सुलेबेले ने आगे कहा कि,
सरकारी नियमों के अनुसार राष्ट्रगीत की निर्धारित कड़वियाँ ही गाई जानी चाहिए, सरकार का यह तर्क है; लेकिन यह प्रतिबंध राष्ट्रप्रेम की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
स्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








