Menu Close

तमिलनाडु : टी.वी.के. दल के पदाधिकारी ने श्री गणेशमूर्ति को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के रूप में दर्शाकर किया घोर अनादर

  • सत्ताधारी दल के पदाधिकारी का हिन्दूद्वेषी कृत्य

  • ‘भारत हिन्दू मुन्नानी’ का तीव्र विरोध एवं धरना आंदोलन

  • पुलिस में शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं !

चेन्नई (तमिलनाडु) – गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि पर अभिनेता तथा राज्य के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के रूप में श्री गणेशमूर्ति बनाई गई है । यह कृत्य सत्ताधारी ‘टी.वी.के.’ दल के पदाधिकारियों द्वारा किए जाने का तथ्य सामने आया । इसका ‘भारत हिन्दू मुन्नानी’ नामक हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन ने तीव्र विरोध किया है तथा यहां के ‘एच-६’ पुलिस थाने के समक्ष संगठन के उपाध्यक्ष आर.टी.आई. सेल्वम ने श्री गणेशचतुर्थी की प्रातःकाल धरना आंदोलन किया । इस अवसर पर उनके हाथ में शिकायत की प्रति तथा एक श्री गणेशमूर्ति थी । इस आंदोलन के पश्चात पुलिस ने मध्यस्थता करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया । पुलिस सूत्रों ने दावा किया है कि विवादित मूर्ति को जप्त कर एक निजी विद्यालय के परिसर में सुरक्षित रखा गया है ।

१. चेन्नई के कोरुकुपेट स्थित करुमरियम्मन नगर क्षेत्र में टी.वी.के. दल के पदाधिकारी राजेश एवं अन्य सहयोगियों द्वारा श्री गणराय को मुख्यमंत्री के वेश में दिखाकर गणेशजी का विडंबन किए जाने की बात सेल्वम के ध्यान में आई थी । इस संदर्भ में उन्होंने ६ सितंबर को पुलिस थाने में शिकायत प्रविष्ट कराई थी । इसमें हिन्दुओं की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया गया था ।

२. शिकायत करने के उपरांत भी ११ सितंबर को पुलिस की अनुमति के बिना इस विवादित गणेशमूर्ति की स्थापना की गई । इसके विरोध में १४ सितंबर को सेल्वम के नेतृत्व में पुलिस थाने के समक्ष ही धरना आंदोलन किया गया ।

प्रमुख मांगें

१. देवताओं की मूर्तियों का अभिनेताओं अथवा राजनीतिक नेताओं के रूप में विडंबन करने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए ।

२. ‘टी.वी.के.’ के संबंधित पदाधिकारियों पर तात्कालिक रूप से कानूनी अपराध प्रविष्ट किए जाए ।

३. भविष्य में हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली घटनाएं घटित न हों, इसका दायित्व प्रशासन ले ।

संपादकीय टिप्पणी
तमिलनाडु का सत्ताधारी दल कभी मोहम्मद पैगंबर को सगुण रूप देकर उस रूप में जोसेफ विजय को क्यों नहीं दिखाता ? विजय के ईसाई धर्म के ईसा मसीह के रूप का इस प्रकार विडंबन क्यों नहीं किया जाता ? हिन्दुओं में अतिसहिष्णुता तथा धर्मप्रेम के अभाव के कारण ही उनकी श्रद्धास्थलों को दमन किया जाता है । यदि कल कट्टरतावादी मुसलमानों एवं ईसाइयों की भांति हिन्दुओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त करना आरंभ कर दिया, तो क्या होगा ?
— संपादक, हिंदू जनजागृति समिति

Latest News