हिंदू लड़कियों को ‘लव जिहाद’ के चंगुल से सावधान करना, समय की आवश्यकता! – अधिवक्ता (श्रीमती) अपर्णा कुलकर्णी

दापोली – ‘लव जिहाद’ का संकट दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। इसमें लाखों हिंदू लड़कियों को कथित रूप से फंसाया जा रहा है। हिंदू लड़कियों को इस षड्यंत्र के प्रति सावधान करना समय की आवश्यकता बन गई है, ऐसा प्रतिपादन हिंदू विधिज्ञ परिषद की अधिवक्ता (श्रीमती) अपर्णा कुलकर्णी ने किया। वे तालुका के किन्हळ में आयोजित ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान के अंतर्गत ‘लव जिहाद’ विषय पर बोल रही थीं।
अधिवक्ता (श्रीमती) अपर्णा कुलकर्णी ने कहा कि लव जिहाद के कारण हिंदू लड़कियों का जीवन बर्बाद हो जाता है और उन्हें अनेक प्रकार की यातनाएं सहनी पड़ती हैं। उनके अनुसार, इस कथित षड्यंत्र के पीछे किसी भी प्रकार का प्रेम नहीं, बल्कि हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण करना और धर्मांधों की जनसंख्या बढ़ाना ही उद्देश्य है। इस संकट के प्रति अपनी बेटियों को जागरूक और सतर्क करना आवश्यक है तथा यह हम सभी का दायित्व है।

हिंदू जनजागृति समिति के श्री. परेश गुजराथी ने कहा कि यदि हमारे बच्चों के साथ हमारे धर्म और संस्कारों की सीख होगी, तो वे अन्य धर्मों के लोगों द्वारा दिए जाने वाले प्रलोभनों का शिकार नहीं होंगे। इसके लिए अपनी बेटियों को धर्मशिक्षा देना और उन्हें सुसंस्कारित बनाना आवश्यक है। तभी हम इस कथित जिहादी संकट का सामना कर सकते हैं।
‘लव जिहाद’ की समस्या के आध्यात्मिक स्तर पर किए जाने वाले उपायों में कुलदेवता का नामजप किस प्रकार प्रभावी होता है और उसका क्या महत्त्व है, यह समिति के श्री. चंद्रकांत उजाळ ने स्पष्ट किया।
अभिप्राय
श्री. प्रशांत चिपटे, सचिव, ग्रामविकास मंडल, किन्हळ : “आज का विषय यानी हम हिंदुओं की सुरक्षा का विषय है। इसके प्रति जागरूकता हर जगह होना आवश्यक है।”








