Menu Close

पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति घोटाला प्रकरण : राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने प्रशासन को बैठक बुलाने के दिए निर्देश

10 वर्ष बीत जाने के बाद भी सी.आई.डी. रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं? – हिन्दू जनजागृति समिति

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे को ज्ञापन सौंपते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट

मुंबई : कोल्हापुर की करवीरनिवासिनी श्री महालक्ष्मी देवी तथा श्री जोतिबा मंदिर सहित 3,067 मंदिरों का प्रबंधन करने वाली ‘पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान प्रबंधन समिति’ में हुए सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित घोटालों पर राज्य सरकार ने संज्ञान लिया है। इस मामले में 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी राज्य सी.आई.डी. (अपराध अन्वेषण विभाग) की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इसे सार्वजनिक कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए, इस मांग का ज्ञापन हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे को सौंपा। इस पर मंत्री ने प्रशासन को तत्काल बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

श्री सुनील घनवट ने मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री को दिए ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2015 में विधानसभा सत्र के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इस महाघोटाले की जांच राज्य सी.आई.डी. के विशेष जांच दल (SIT) से कराने का आधिकारिक आश्वासन दिया था। जांच में पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान प्रबंधन समिति की लगभग 25 हजार एकड़ भूमि में से 8 हजार एकड़ भूमि के अभिलेख गायब होना, 35 वर्षों तक वार्षिक लेखा-परीक्षण न होना तथा बहुमूल्य आभूषणों का कोई रिकॉर्ड न होना जैसे गंभीर मुद्दे शामिल थे। इसके बावजूद 10 वर्ष बीत जाने पर भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे दोषियों में कानून का भय समाप्त हो गया है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

  • सी.आई.डी. जांच रिपोर्ट को तत्काल सरकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए।
  • दोषियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आपराधिक मामले दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
  • देवस्थान को हुई आर्थिक क्षति की भरपाई दोषियों की निजी संपत्ति से की जाए।
  • वर्तमान समिति को तत्काल भंग कर उसके स्थान पर पारदर्शी प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाए।

Latest News