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रत्नागिरी : जिले में बढती गोहत्या को लेकर समस्त हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों का पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन

भरारी दल गठित कर गोहत्या और गो-तस्करी पर लगाई जाएगी रोक – जिला पुलिस अधीक्षक का आश्वासन

रत्नागिरी – तालुका के फणसवले गांव में हुई गोवंश की निर्मम हत्या के मामले में अज्ञात आरोपियों का तत्काल पता लगाकर उनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में बढ़ रही गोहत्या और गो-तस्करी पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों, गोरक्षकों और गोभक्तों ने 24 जून को रत्नागिरी के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, फणसवले की घटना से स्पष्ट होता है कि जिले में गो-तस्करी और गोहत्या पर पुलिस प्रशासन का प्रभावी नियंत्रण नहीं रह गया है।

उन्होंने कहा कि गोमाता को राज्य सरकार द्वारा ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया गया है, फिर भी उनकी खुलेआम हत्या हो रही है। ऐसे अपराधों के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कब होगी? यह प्रश्न उपस्थित हिंदू समाज ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा।

इस पर पुलिस अधीक्षक नितिन बगाटे ने बताया कि उनकी नियुक्ति के बाद गो-संबंधित अपराधों पर कई कार्रवाई की गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि फणसवले प्रकरण पर वे स्वयं निगरानी रख रहे हैं और शीघ्र ही उसके परिणाम दिखाई देंगे। गोहत्या और गो-तस्करी रोकने के लिए विशेष भरारी दल (फ्लाइंग स्क्वॉड) गठित करने की मांग पर उन्होंने ऐसा दल बनाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा गया।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

1. रत्नागिरी ग्रामीण पुलिस थाना क्षेत्र के फणसवले गांव के तांबड्याचा पर्या क्षेत्र में 21 जून 2026 को लगभग चार गोवंशों की निर्मम हत्या का मामला सामने आया। अनुमान है कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी तथा घटनास्थल से लगभग डेढ़ टन गोमांस बरामद हुआ। इस मामले में रत्नागिरी ग्रामीण पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया है।

2. हिंदू समाज में अत्यंत पूजनीय गोवंश के अवशेषों को खुले में फेंककर धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने तथा क्षेत्र की सामाजिक शांति भंग करने का सुनियोजित प्रयास किया गया है। खुले में पड़े अवशेषों से दुर्गंध फैलने के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी खतरा उत्पन्न हुआ।

3. रत्नागिरी जैसे शांत और संस्कारी जिले में कानून का भय समाप्त होने के कारण इस प्रकार की घटनाएं होना अत्यंत चिंताजनक है। इससे पहले भी जिले में गोहत्या, गोमांस बरामद होने तथा अवैध गो-तस्करी की अनेक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे स्पष्ट है कि गो-तस्करों और गोहत्यारों में पुलिस का कोई भय नहीं रह गया है, जिससे हिंदू समाज में भारी रोष व्याप्त है।

4. इस मामले के अज्ञात आरोपियों को युद्धस्तर पर खोजकर तत्काल गिरफ्तार किया जाए। उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा महाराष्ट्र पशु संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कठोरतम दंड दिलाने के लिए विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया जाए। जिले में अवैध पशु परिवहन और गोहत्या के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए विशेष भरारी दल गठित किए जाएं तथा पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए जाएं। आरोपियों पर मकोका (MCOCA) के अंतर्गत भी कार्रवाई की जाए। आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा पुलिस जांच नाकों पर भी सीसीटीवी व्यवस्था बढ़ाई जाए।

5. यदि इस मामले के मुख्य सूत्रधारों और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया, तो समस्त हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से पूरे रत्नागिरी जिले में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

इस प्रदर्शन में श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हिंदू जनजागृति समिति, सनातन संस्था, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, गडकिल्ले संवर्धन प्रतिष्ठान, विश्वमंगल गोशाला, सोमेश्वर, गो सेवा संघ रत्नागिरी, भारतीय जनता पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में गोरक्षक, गोसेवक एवं हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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