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‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान : रत्नागिरी में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘कॉर्पोरेट जिहाद : आखिर सत्य क्या है ?’ विषय पर विशेष संवाद

सभी प्रकार के जिहादों की जड ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ है, इसे समाप्त करें – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

रत्नागिरी – ‘लव जिहाद’ का संकट अब हमारे घरों तक पहुंच चुका है, फिर भी हम इतने उदासीन क्यों हैं? आखिर और क्या होना चाहिए कि हम जागृत हों? हिन्दू लड़कियों और महिलाओं पर अत्याचार, धर्मांतरण तथा हत्याएं बड़े पैमाने पर हो रही हैं, फिर भी हिन्दुओं में शत्रु की पहचान का अभाव है। हमें यह समझ नहीं आता कि किससे क्या स्वीकार करना चाहिए। एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि जिहादी गतिविधियों के लिए जो धन उपलब्ध कराया जाता है, वह ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ के माध्यम से अर्जित किया जाता है। इसलिए अब समय आ गया है कि सभी हिन्दू अत्यंत सजगता के साथ हलाल प्रमाणित उत्पादों का बहिष्कार करें। यह स्पष्ट मत हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने व्यक्त किया।

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत 14 जून को शहर के जयेश मंगल पार्क में ‘कॉर्पोरेट जिहाद : आखिर सत्य क्या है ?’ विषय पर एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर श्री रमेश शिंदे संबोधित कर रहे थे।

इस कार्यक्रम में सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये तथा प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत ने भी मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन कु. दिव्या घाग ने किया। कार्यक्रम में लगभग 700 नागरिक उपस्थित थे।

इस अवसर पर सनातन संस्था के धर्मप्रचारक सद्गुरु सत्यवान कदम तथा सनातन संस्था की पूज्या (श्रीमती) अंजली करंबेळकर की भी वंदनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन पूज्या (श्रीमती) अंजली करंबेळकर द्वारा प्रस्तुत पूर्ण ‘वन्दे मातरम्’ के साथ हुआ।

श्री रमेश शिंदे ने आगे कहा,

1. ‘लव जिहाद’ का संकट कोई नया नहीं है। पांच पातशाहियों से संघर्ष करने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज, असहनीय यातनाएं सहकर भी धर्म न छोड़ने वाले छत्रपति संभाजी महाराज तथा अपने सम्मान की रक्षा के लिए हजारों राजपूत महिलाओं द्वारा किया गया जौहर – ऐसे अनेक उदाहरण हमारे इतिहास में हैं।

2. ये उदाहरण हिन्दू धर्म पर समय-समय पर आए संकटों को दर्शाते हैं। इन संकटों और अत्याचारों को देखते हुए यह प्रश्न उठता है कि आखिर हिन्दू लड़कियां मुस्लिम युवकों के प्रेमजाल में फंसती ही क्यों हैं?

3. महिलाएं राष्ट्र की आधारशिला हैं। माता जिजाऊ थीं, इसलिए छत्रपति शिवाजी महाराज का निर्माण हुआ। ऐसे अनेक उदाहरण इतिहास में मिलते हैं।

कम से कम एक शौर्य का श्रृंगार अवश्य करें – सद्गुरु स्वाती खाडये, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

सद्गुरु स्वाती खाडये ने कहा, “लव जिहाद केवल व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह सभी क्षेत्रों में दिखाई देता है। यह केवल किसी एक लड़की या महिला तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि हिन्दू वंश और हिन्दू धर्म को समाप्त करने का एक षड्यंत्र है।

इस षड्यंत्र की जानकारी न होने के कारण लोग यह सोचकर अनदेखी कर देते हैं कि ‘यह मेरी बेटी या बहन नहीं है।’ यह मानसिकता अत्यंत खतरनाक है। हिन्दू धर्म में महिलाओं के मस्तक पर लगाया जाने वाला कुमकुम शक्ति तत्व का प्रतीक है, जबकि पुरुषों द्वारा लगाया जाने वाला तिलक शिवतत्त्व की जागृति का प्रतीक है।

इसलिए आगे से श्रृंगार अवश्य करें, किंतु कम से कम एक शौर्य का श्रृंगार अवश्य करें। इसी शौर्य को जागृत करने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क धर्मशिक्षण वर्ग तथा स्वसंरक्षण प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। उनका लाभ अवश्य उठाएं।”

लव जिहाद में फंस रही लड़की से धर्मबंधुत्व का संबंध मानकर आगे आएं – अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत

अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत ने कहा, “वे हिजाब पहनकर आते हैं, तो हमने कुमकुम लगाना क्यों छोड़ दिया? वे नौकरी में नमाज के लिए समय निकालते हैं, तो हम प्रार्थना और स्तोत्र-पाठ के लिए समय क्यों नहीं निकाल सकते?

हमें यह समझना होगा कि पहले हम धर्म को छोड़ते हैं और फिर धर्म हमें छोड़ देता है। आज लड़कियों में थोड़ा आत्मसम्मान और स्वाभिमान होना चाहिए। यह अहंकार घर के बड़ों के प्रति नहीं, बल्कि जिहादी मानसिकता रखने वालों के सामने होना चाहिए।

जब कोई जिहादी किसी हिन्दू लड़की को परेशान करता है, तो लड़की को यह सोचकर दृढ़ता से उसका विरोध करना चाहिए कि ‘उसके मन में ऐसा विचार आया ही कैसे?’ बच्चों को जन्म से ही हिन्दुत्व के संस्कार दिए जाने चाहिए और धर्म को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

यदि समाज की कोई लड़की या महिला ‘लव जिहाद’ में फंस रही हो, तो उससे धर्मबंधुत्व का संबंध मानते हुए उसकी सहायता के लिए आगे आना चाहिए।”

कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस अवसर पर रत्नागिरी की नगराध्यक्षा श्रीमती शिल्पा सुर्वे, श्री मरुधर विष्णु समाज सेवा समिति के अध्यक्ष श्री रमेश माली, उद्योगपति श्री दीपकसिंह देवल, श्री सुनील सहस्रबुद्धे, श्री अनिल देवल, श्रीमती उमा देवल, श्री अमितराज खटावकर, कुआरबाव व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री राजेश तोडणकर, कार्याध्यक्ष श्री हितेंद्र पटेल, गो सेवा संघ रत्नागिरी के श्री सुशील कदम, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री प्रभाकर खानविलकर, क्षत्रिय मराठा मंडल के अध्यक्ष श्री राकेश नलावडे, पटेल समाज के अध्यक्ष श्री ईश्वरभाई पटेल, चित्पावन ब्राह्मण सहायक संघ के श्री राजन पटवर्धन सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

इसके अतिरिक्त हिन्दुत्वनिष्ठ श्री चंद्रकांत राऊळ, श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान के जिलाध्यक्ष श्री गणेश गायकवाड, भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्री संदीप नाचणकर, राजापुर के श्री विवेक गुरव, लांजा के अधिवक्ता श्री रूपेश गांगण, भैरूलाल भंडारी, वारकरी संप्रदाय के ह.भ.प. मनोहर (दादा) रणदिवे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के श्री गजानन करमरकर, पावस श्रीराम मंदिर के श्रीकांत (आबा) चिपळूणकर, श्री वसंत नेने, श्री विजयकुमार शिंदे, विश्व हिन्दू परिषद के श्री दीपक जोशी, अधिवक्ता श्री सचिन रेमणे, कीर्तनसंध्या के श्री उमेश आंबर्डेकर, गडकिल्ले संवर्धन प्रतिष्ठान के श्री तन्मय जाधव, पतंजलि योग सेवा समिति के श्री विनय साने, नगरसेविका श्रीमती प्रीति सुर्वे, श्रीमती मेधा कुलकर्णी तथा फुपेरे के श्री उदय सावंत सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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