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हिंदू जनजागृति समिति के ‘बेटी बचाओ, राष्ट्र बचाओ’ अभियान से सिंधुदुर्ग को लव जिहाद मुक्त बनाने का संकल्प

सिंधुदुर्ग जिला पहला ‘लव जिहाद’ मुक्त जिला बनाएं ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति

‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान के फलक का अनावरण करते हुए बाईं ओर से अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत, सद्गुरु स्वाती खाडये तथा श्री रमेश शिंदे

कुडाल – आज अनेक लड़कियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं। यह सब वे (कट्टरपंथी) क्यों कर रहे हैं? क्योंकि वे ‘गजवा-ए-हिंद’ (भारत के इस्लामीकरण के उद्देश्य से चलाया जाने वाला अभियान) करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें अपनी संख्या बढ़ानी है। उनका उद्देश्य पूरे हिन्दुस्थान को पाकिस्तान बनाना है। यदि हिन्दू लड़कियों में धर्मप्रेम जागृत हो जाए, तो लव जिहाद का भय समाप्त हो जाएगा। यदि देश को हिन्दू राष्ट्र के रूप में सुरक्षित रखना है, तो माता जिजाऊ जैसी माताओं की आवश्यकता है। अपनी बेटियों को शत्रु की पहचान करानी होगी। केवल हिन्दू जनजागृति समिति सब कुछ नहीं कर सकती। यदि आप सभी इसमें सहभाग करेंगे, तो ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित’ अभियान को सफल बनाएंगे और सिंधुदुर्ग जिले को पहला ‘लव जिहाद’ मुक्त जिला घोषित करेंगे। ये उद्गार हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने व्यक्त किए।

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा तालुका के झाराप स्थित आराध्य होटल में 13 जून को ‘लव जिहाद’ विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में श्री शिंदे बोल रहे थे। इस अवसर पर सनातन की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये तथा मुंबई की प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत उपस्थित थीं। इस व्याख्यान को 1,000 से अधिक हिन्दू भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक उपस्थित होकर सफल बनाया। सभी दलों के जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर श्री रमेश शिंदे ने कहा,

1. केरल में वर्ष 2006 में लव जिहाद की पहली शिकायत दर्ज की गई थी। जब ‘इस्लामिक स्टेट’ की गतिविधियां बढ़ीं, तब केरल से 136 लोग सीरिया और इराक गए थे। इनमें 22 ईसाई तथा 15 हिन्दू लड़कियां थीं। ये 38 लड़कियां आज अफगानिस्तान में तालिबान के नियंत्रण में हैं।

2. हमें शत्रु और मित्र की पहचान होना आवश्यक है, तभी हम सुरक्षित रह सकते हैं। वर्ष 1971 में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचार हुए, वर्ष 1990 में कश्मीरी हिन्दुओं और महिलाओं पर अत्याचार हुए तथा वर्ष 1992 में अजमेर में सेक्स स्कैंडल हुआ।

3. उनका उद्देश्य हिन्दुस्थान को पाकिस्तान बनाना है। इसी कारण हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘हर घर योद्धा’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से ऐसा प्रशिक्षण दिया जाएगा कि प्रत्येक हिन्दू कम से कम अपना आत्मरक्षण कर सके।

4. सोशल मीडिया का लव जिहाद में बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। ‘रील के पीछे की वास्तविकता’ को समझना आवश्यक है। हिन्दू लड़कियां सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में फंस जाती हैं और अपना जीवन संकट में डाल लेती हैं। लड़कियों और अभिभावकों को अत्यंत सावधान रहने की आवश्यकता है। मित्रता के नाम पर धर्मांतरण के अनेक मामले सामने आए हैं।

5. हिन्दू महिलाएं और लड़कियां धर्मांतरण का शिकार क्यों होती हैं? क्योंकि उन्हें कानूनों की जानकारी नहीं होती। देशभर से प्रतिवर्ष लाखों लड़कियां लापता हो जाती हैं, किंतु इस विषय पर संसद में चर्चा नहीं होती। यदि लव जिहाद रोकना है, तो ‘हलाल’ प्रमाणित उत्पादों की खरीद बंद करनी होगी, क्योंकि हलाल से प्राप्त धन का उपयोग लव जिहाद के लिए किया जाता है।

6. यदि छत्रपति शिवाजी महाराज ने केवल सर्वधर्मसमभाव का पालन किया होता, तो क्या वे नेताजी पालकर और बजाजी निंबालकर को पुनः हिन्दू धर्म में स्वीकार करते? जो मावले मुस्लिम बन गए थे, उन्हें पुनः हिन्दू धर्म में लिया गया। छत्रपति संभाजी महाराज ने 40 दिनों तक अमानवीय यातनाएं सहन कीं, किंतु इस्लाम स्वीकार नहीं किया। इसे हमें स्मरण रखना चाहिए।

यदि जीवन पर संकट आए, तो आत्मरक्षा के लिए प्रतिकार करना हमारा संवैधानिक अधिकार है ! – अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत

सामाजिक कार्यकर्ता अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत ने कहा, “हमें अपनी बेटियों को सशक्त बनाना है। उनमें अकेले भी जिहादियों का सामना करने की क्षमता होनी चाहिए। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपना परिवार सशक्त बनाए, तो समाज भी सशक्त हो सकता है। अब युद्ध का स्वरूप बदल चुका है। जिहाद आज भी जारी है। आज भी वे लूट रहे हैं और लव जिहाद उसके प्रमुख साधनों में से एक है।

अल्पवयस्क लड़कियों का ब्रेनवॉश अन्य अल्पवयस्क लड़कियों के माध्यम से किया जा रहा है। हमारी सहिष्णुता ही हमारी कमजोरी बन गई है। यदि किसी के जीवन या सम्मान पर आघात किया जाए, तो आत्मरक्षा के लिए प्रतिकार करना हमारा संवैधानिक अधिकार है।

कट्टरपंथियों के पास हिन्दू परिवारों की विस्तृत जानकारी होती है और उसी आधार पर धर्मांतरण के प्रयास किए जाते हैं। मुंबई में रेलवे स्टेशन के समीप मस्जिदें स्थापित करने का एक पैटर्न दिखाई देता है। मुंबई में 50 प्रतिशत मुस्लिम लड़कियां बी.एड. में प्रवेश ले रही हैं। हिन्दू लड़कियों की कमी के कारण उन्हें शिक्षण संस्थानों में अध्यापिका नियुक्त किया जा रहा है। भारत में प्रतिदिन लगभग 1,000 महिलाएं लव जिहाद का शिकार बनती हैं। इसे रोकने के लिए व्यापक जनजागरण आवश्यक है।”

सिंधुदुर्ग जिले में भी लड़कियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं ! – सद्गुरु स्वाती खाडये

सद्गुरु स्वाती खाडये ने कहा, “अधर्म से अपनी रक्षा के लिए हम आवश्यक उपाय नहीं करते। यदि हम धर्म की रक्षा नहीं करेंगे, तो धर्म हमारी रक्षा कैसे करेगा? केवल धन जीवन नहीं बचा सकता, धर्म ही हमारी रक्षा कर सकता है। इसके लिए धर्मशिक्षा आवश्यक है।

सिंधुदुर्ग जिले में भी लड़कियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं। पारिवारिक व्यवस्था कमजोर हो रही है और धर्म जीवन से दूर होता जा रहा है। लव जिहाद करने वालों और उसका समर्थन करने वालों की एक संगठित लॉबी कार्य कर रही है। अपनी बेटियों पर ध्यान रखें। समय निकल जाने के बाद पछताने से कोई लाभ नहीं होगा। लव जिहाद का शिकार बनी प्रत्येक लड़की का जीवन नरक समान हो जाता है।

‘द केरला स्टोरी’ फिल्म आने के बाद भी देश की हिन्दू लड़कियों पर उसका अपेक्षित प्रभाव नहीं पड़ा है। साम्यवादी तंत्र यह झूठा प्रचार कर रहा है कि ‘हिन्दू धर्म में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।’ इस कारण धर्मशिक्षा की अत्यंत आवश्यकता है। हिन्दू जनजागृति समिति नि:शुल्क धर्मशिक्षण प्रदान कर रही है।”

कार्यक्रम का संचालन श्री हेमंत मणेरीकर ने किया। कार्यक्रम में सद्गुरु स्वाती खाडये एवं सद्गुरु सत्यवान कदम का सम्मान किया गया। साथ ही वेंगुर्ला नगर परिषद के नगराध्यक्ष श्री दिलीप गिरप तथा उपनगराध्यक्ष श्री सुहास गावंडलकर का भी सत्कार किया गया।

सिंधुदुर्ग जिले में ‘बेटी बचाओ, राष्ट्र बचाओ’ अभियान का शुभारंभ

कोल्हापुर सहित महाराष्ट्र के कुछ जिलों में ‘बेटी बचाओ, राष्ट्र बचाओ’ अभियान प्रारंभ किया गया है। अब सिंधुदुर्ग जिले में भी इस अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। सभी नागरिक इस अभियान में सहभागी बनें तथा राष्ट्र और धर्म विरोधी प्रवृत्तियों का संगठित रूप से विरोध करें, ऐसा आह्वान श्री रमेश शिंदे ने किया। इस अवसर पर ‘बेटी बचाओ, राष्ट्र बचाओ’ अभियान के फलक का भी अनावरण किया गया।

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