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चिपळूण (महाराष्ट्र) में ‘कॉर्पोरेट जिहाद : आखिर सच्चाई क्या है ?’ विषय पर विशेष संवाद

‘कॉर्पोरेट जिहाद’ की समस्या समाप्त करने के लिए हिंदू युवतियों को शत्रुबोध कराएं ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू जनजागृति समिति

चिपळूण – आज ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसी समस्याएं क्यों उत्पन्न हो रही हैं ? इसका मूल कारण तथाकथित सर्वधर्म समभाव की गलत व्याख्या है। आज भी अनेक हिंदू परिवारों को इन समस्याओं की गंभीरता का ज्ञान नहीं है। वे इस भ्रम में रहते हैं कि उनकी शिक्षित बेटी हर प्रकार से सक्षम है और उसे पूर्ण स्वतंत्रता दे देते हैं। परिणामस्वरूप, शत्रुबोध से वंचित हिंदू युवतियां आसानी से ‘लव जिहादी’ मानसिकता रखने वालों के षड्यंत्र का शिकार बन जाती हैं।

‘द केरला स्टोरी’ जैसे चलचित्र आए, किंतु ऐसा प्रतीत होता है कि हिंदू समाज ने उनसे कोई विशेष सीख नहीं ली। वास्तव में इस हिंदू-बहुल देश, इसकी संस्कृति और धर्मपरंपराओं के विरोधियों को हम पहचान नहीं पाते, इसलिए ‘लव जिहाद’ जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने कहा कि यदि हिंदू माता-पिता अपनी बेटियों को इस प्रकार का शत्रुबोध कराएं, तो ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ जैसी समस्या स्वतः समाप्त हो सकती है। वे 8 जून को चिपलूण स्थित इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘कॉर्पोरेट जिहाद : आखिर सच्चाई क्या है ?’ विषयक विशेष संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे।

इस अवसर पर प्रखर हिंदुत्वनिष्ठ अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत तथा चिपलूण नगर परिषद के नगरसेवक एवं जल समिति सभापति निहार कोवळे ने भी मार्गदर्शन किया।

बड़ी संख्या में उपस्थित रहे हिंदू समाज

इस कार्यक्रम में संगमेश्वर, सावर्डे, चिपलूण और लोटे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में हिंदू बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर ‘लव जिहाद’ और ‘हलाल अर्थव्यवस्था’ विषयों पर आधारित पुस्तकों के स्टॉल भी लगाए गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अनेक उपस्थित लोगों ने इस अभियान में सहभागिता के विभिन्न तरीकों पर वक्ताओं से चर्चा की। आयोजन में अनेक हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं हिंदू जनजागृति समिति के साधकों ने सहयोग किया।

हिंदू युवतियां सतर्क रहें ! – अधिवक्ता (श्रीमती) प्रीति राऊत

अधिवक्ता प्रीति राऊत ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की हिंदू युवतियां जब रोजगार के लिए शहरों में जाती हैं, तो वहां का वातावरण और परिस्थितियां उनके लिए नई होती हैं। ऐसे में कुछ संगठित समूह उन पर नजर रखते हैं और उनसे संबंध स्थापित करने का प्रयास करते हैं, जिससे कई बार वे उनके जाल में फंस जाती हैं। इसलिए हिंदू युवतियों का सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।

अब तो हिंदू समाज संगठित हो ! – नगरसेवक निहार कोवळे

नगरसेवक निहार कोवळे ने कहा कि ‘लव जिहाद’ का विषय केवल बड़े प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि चिपलूण जैसे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी यह चिंता का विषय बन रहा है। यदि आज हिंदू समाज इस समस्या के विरोध में संगठित नहीं हुआ, तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसलिए अब समय आ गया है कि हिंदू समाज एकजुट होकर कार्य करे।

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