“मैं ईसाई हूं, मुझे तुम्हारे भगवान नहीं चाहिए!”, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाली ईसाई नर्स पर FIR दर्ज
हिंदू जनजागृति समिति ने की आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग

नवी मुंबई – नवी मुंबई के नेरुल में एक ईसाई नर्स द्वारा जानबूझकर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों और पूजास्थल का अपमान करते हुए उन्हें जूते-चप्पल के स्टैंड के पास फेंकने की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। धार्मिक द्वेष से प्रेरित इस कृत्य के विरुद्ध शिकायतकर्ता हिंदू महिला के भाई, श्री हर्षद पाटिल ने हिंदू जनजागृति समिति (HJS) से संपर्क कर सहायता मांगी। समिति के तत्काल हस्तक्षेप से नेरुल पुलिस स्टेशन में आरोपी ईसाई नर्स के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 298 और 351(2) के तहत FIR दर्ज कराई गई। मामला दर्ज होने के बाद, हिंदू जनजागृति समिति के रणरागिणी शाखाने आरोपी ईसाई नर्स को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।
🚨 Shocking incident in #NaviMumbai!
A Christian nurse has been accused of repeatedly desecrating idols of Shri Ganesh and Radha-Krishna belonging to another hospital employee with whom she shared accommodation. According to the complaint, she objected to the employee’s personal… pic.twitter.com/inF593sphS
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) June 9, 2026
हॉस्टल के कमरे में रहने वाली हर्षला पाटिल नियमित रूप से अपने कमरे के मंदिर में श्री गणेश और राधाकृष्ण की मूर्तियों की पूजा करती थीं। मई के अंत में वहां रहने आई एक ईसाई नर्स ने मंदिर को लेकर लगातार आपत्तियां जतानी और विवाद करना शुरू कर दिया। 5 जून 2026 को जब हर्षला काम से लौटीं, तो उन्होंने देखा कि हॉल में रखा मंदिर जूते उतारने की जगह पर रखा गया है और मूर्तियां नीचे गिरा दी गई हैं। जब इस बारे में पूछा गया, तो ईसाई नर्स ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हुए अहंकारपूर्वक कहा, ‘‘मैं एक ईसाई हूँ, मुझे अपने सामने तुम्हारे भगवान नहीं चाहिए, मैं तुम्हारे भगवान को नहीं मानती।’’
अस्पताल प्रबंधन के संज्ञान में यह मामला लाए जाने के बाद, उन्होंने 6 जून 2026 को उस ईसाई नर्स को नौकरी से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई से क्रोधित होकर, उसी दिन शाम को वह अपना सामान लेने के बहाने फिर से कमरे में घुसी और बदले की भावना से एक बार फिर मंदिर को जूते के स्टैंड के पास रखकर मूर्तियों को नीचे गिरा दिया। इस तरह शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में उसने तीन बार मूर्तियों को जमीन पर फेंककर उनका अपमान किया और जाते-जाते गुंडागर्दी करते हुए धमकी दी कि, ‘‘मैं ईसाई हूँ, मैं हिंदू भगवान को नहीं मानती। हर्षला को बोलना हॉस्टल के बाहर मिले, मैं उसे दिखाती हूँ।’’
इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू जनजागृति समिति के मुंबई प्रवक्ता डॉ. उदय धुरी, रणरागिणी शाखा की मुंबई जिला समन्वयक श्रीमती प्रवीणा पाटिल, श्री निशांत चौधरी, श्री दत्तात्रेय सावंत और अन्य धर्मप्रेमियों ने नेरुल पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक श्री अजय कांबले से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR (क्र. 0311) दर्ज की है।
इस विषय पर बात करते हुए रणरागिणी शाखा की श्रीमती प्रवीणा पाटिल ने कहा , ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में हिंदुओं के आस्था केंद्रों पर होने वाले ऐसे आघात और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान अब कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस मामले में पुलिस की तत्परता स्वागत योग्य है; लेकिन कानून का डर कायम करने के लिए आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाना आवश्यक है। जब तक गिरफ्तारी नहीं होती, रणरागिणी शाखा और अन्य हिंदुत्वनिष्ठ संगठन इस मामले की निरंतर पैरवी करते रहेंगे।’’








