‘श्री समर्थ सेवा मंडल’ के सहयोग से ‘हिंदू जनजागृति समिति’ का उपक्रम

सातारा – राष्ट्र एवं धर्मनिष्ठ युवा पीढ़ी का निर्माण हो, जो देश के सशक्त आधारस्तंभ बन सके, इस उद्देश्य से श्रीक्षेत्र सज्जनगढ़ में ‘हिंदू धर्मसंस्कार शिविर’ का आयोजन किया गया। यह तीन दिवसीय आवासीय शिविर 25 से 27 मई के दौरान हिंदू जनजागृति समिति द्वारा श्री समर्थ सेवा मंडल के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस शिविर में सातारा के साथ-साथ सांगली, पुणे और मुंबई जिलों के 70 से अधिक युवक-युवतियों ने सहभाग लिया। शिविर में सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये की वंदनीय उपस्थिति प्राप्त हुई। शिविर का शुभारंभ श्री समर्थ सेवा मंडल के विनायकबुवा रामदासी, हिंदू जनजागृति समिति के हेमंत सोनवणे तथा सनातन संस्था की सौ. विद्या कदम के हस्तों दीपप्रज्वलन से हुआ।

गढ-परिक्रमा एवं रामराज्य स्थापना की प्रतिज्ञा
शिविरार्थियों को श्रीक्षेत्र सज्जनगढ़ के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्त्व से परिचित कराने हेतु श्री समर्थ सेवा मंडल के सुहासबुवा रामदासी ने गढ़-परिक्रमा करवाई। इस अवसर पर उन्होंने कल्याण उड़ी स्मारक, ब्रह्मपिसा स्मारक, धाब्याचा मारुति, मंगलाई देवी मंदिर, शेजघर तथा समाधि मंदिर आदि स्थलों की जानकारी दी। परिक्रमा के उपरांत सभी शिविरार्थियों ने राष्ट्रगुरु समर्थ रामदासस्वामी की समाधि पर नतमस्तक होकर प्रभु श्रीराम के समक्ष रामराज्य स्थापना का संकल्प लिया।

मान्यवर वक्ताओं का मार्गदर्शन
शिविर में सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये, श्री समर्थ सेवा मंडल की श्रीमती विद्या पुरोहित, हिंदू जनजागृति समिति के युवा संगठक श्री निरंजन चोडणकर, सौ. भक्ति डाफळे, सौ. रूपा महाडिक, श्री मंगेश निकम सहित अन्य मान्यवरों ने मार्गदर्शन किया।
इस दौरान राष्ट्रगुरु समर्थ रामदासस्वामी, हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज, स्वामी विवेकानंद एवं स्वातंत्र्यवीर सावरकर के जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही हिंदू देवी-देवताओं, राष्ट्रपुरुषों, धर्मग्रंथों, प्राचीन भारत की आध्यात्मिक महत्ता, हिंदू वीरांगनाओं तथा धर्मशिक्षा के महत्त्व पर भी अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

स्वसंरक्षण प्रशिक्षण एवं धर्मशिक्षण प्रदर्शनी द्वारा संस्कार
शिविरार्थी शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टि से सक्षम बनें, इसके लिए हिंदू जनजागृति समिति के श्री वैभव क्षीरसागर ने बलोपासना के माध्यम से स्वसंरक्षण प्रशिक्षण दिया। शिविरस्थल पर क्रांतिकारकों के जीवनदर्शन तथा हिंदू धर्मशिक्षा से संबंधित प्रबोधनात्मक फलक प्रदर्शित किए गए थे। इन प्रदर्शनों को शिविरार्थियों और सज्जनगढ़ पर आए श्रद्धालुओं से उत्साहपूर्ण प्रतिसाद प्राप्त हुआ।
श्री समर्थ सेवा मंडल के प्रति कृतज्ञता
श्री समर्थ सेवा मंडल द्वारा शिविरार्थियों के निवास एवं महाप्रसाद की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई। इस कार्य में समर्थभक्त पू. योगेशबुवा रामदासी, सुभाषबुवा रामदासी, विनायकबुवा रामदासी तथा श्री सुरेश कदम का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
देव, देश और धर्मसंस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समर्पित युवा पीढ़ी के निर्माण की दिशा में यह शिविर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ। इस सफल आयोजन के लिए हिंदू जनजागृति समिति ने श्री समर्थ सेवा मंडल के प्रति आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की।








