तनावमुक्त जीवन के लिए विद्यार्थियों को उचित दिनचर्या और साधना अपनानी चाहिए! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिंदू जनजागृति समिति

पलवल (हरियाणा) – वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, परीक्षाओं का दबाव, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, भविष्य की चिंता तथा पारिवारिक एवं सामाजिक अपेक्षाएं विद्यार्थियों में तनाव के प्रमुख कारण बन गई हैं। यदि तनाव का समय रहते उचित प्रबंधन नहीं किया गया, तो इसका विद्यार्थियों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, व्यवहार और आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड सकता है।
इसी संदर्भ में सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में घबराने के बजाय सकारात्मक मानसिकता बनाए रखनी चाहिए। साथ ही नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और समय के उचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

हिंदू जनजागृति समिति की ओर से पलवल स्थित ‘सीए नीरज मित्तल क्लासेस’ में ‘तनाव नियंत्रण और प्रबंधन’ विषय पर एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का लाभ अनेक विद्यार्थियों ने प्राप्त किया। कार्यक्रम के संबंध में सनदी लेखाकार नीरज मित्तल ने संतोष व्यक्त किया।
सद्गुरु डॉ. पिंगळे ने आगे कहा, “प्रतिदिन कुछ समय योग, प्राणायाम, श्वास संबंधी अभ्यास तथा ध्यान-साधना करने से मन शांत रहता है। इससे एकाग्रता और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।”
कार्यक्रम में उपस्थित अनेक विद्यार्थियों ने बताया कि डॉ. पिंगळे द्वारा दिया गया मार्गदर्शन अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक था।
विशेषता
‘सीए नीरज मित्तल क्लासेस’ में कक्षाओं का प्रारंभ और समापन भगवान श्रीराम के नामजप से किया जाता है। साथ ही, वहाँ के विद्यार्थी एक-दूसरे से मिलने पर ‘जय श्रीराम’ कहकर अभिवादन करते हैं।








