
कोल्हापुर– इससे पूर्व विशालगढ पर रेहान मलिक के नाम पर जो उर्स लगाया जा रहा था, उसमें बडे स्तर पर पशुओं की बलि दी जाने से उनका मांस एवं रक्त सर्वत्र गिरकर विशालगढ अपवित्र बन जाता था। वर्तमान समय में सरकार ने १४ मई को विशालगढ पर पशुहत्या करना तथा मदिरा पान करने पर प्रतिबंध लगाया है । जिला प्रशासन ने विशालगढ पर १४ मई को छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती मनाने की अनुमति नहीं दी, उसीप्रकार से २८ से ३० मई की अवधि में रेहान मलिक के नाम से लगने वाले उर्स को अनुमति नहीं दी जाए, साथ ही वहां पर किए गए सभी अवैध अतिक्रमण ध्वस्त किए जाएं, यह मांगें ‘हिन्दू एकता आंदोलन’ की ओर से प्रदेशाध्यक्ष तथा पूर्व विधायक श्री. नितिन शिंदे ने की । कोल्हापुर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर किए गए आंदोलन को संबोधित करते हुए वे ऐसा बोल रहे थे ।
आंदोलन समाप्त होने पर निवासी उपजिलाधिकारी गजानन गुरव को इस मांग का ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । इस अवसर पर हिन्दू एकता आंदोलन के कोल्हापुर जिलाध्यक्ष श्री. दीपक देसाई, शहराध्यक्ष श्री. गजानन तोडकर, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. शिवानंद स्वामी, हिन्दू विधिज्ञ परिषद के श्री. बाबासाहेब भोपले, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री. रामभाऊ मेथे एवं श्री. नितिन काकडे, श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान के शहर कार्यकर्ता श्री. आशिष लोखंडे, शिवसेना के उपजिलाप्रमुख श्री. किशोर घाटगेसहित हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बडी संख्या में उपस्थित थे ।

विशालगढ के पुजारियों पर जीविका चलाने का संकट
इस अवसर पर ‘हिन्दू एकता आंदोलन’के शहराध्यक्ष श्री. गजानन तोडकर ने कहा, ‘‘वर्तमान समय में किले पर पर्यटकों की संख्या अल्प होने से वहां के मंदिरों में कार्यरत पुजारियों को अपनी जीविका चलाना कठिन हो रहा है, इसलिए प्रशासन उस स्थान पर पावनघाटी का इतिहास, अन्य जानकारी देनेवाले शिल्प, साथ ही शिवसृष्टि बनाए; जिससे वहां पर्यटकों की संख्या बढकर पुजारियों को जीविका के साधन उपलब्ध होंगे ।’’








