
मुंबई – सोसायटियों में पशुओं की हत्या न करने का सर्वोच्च न्यायालय का आदेश है। इसके बावजूद मीरा-भायंदर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों की सोसायटियों में बकरी ईद के अवसर पर कुर्बानी के लिए पशुओं को लाया जा रहा है। हिंदू जनजागृती समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने आह्वान किया है कि प्रशासन बकरी ईद के मौके पर सोसायटियों में इस तरह होने वाली पशुओं की अवैध हत्या को रोके। इस विषय में श्री. रमेश शिंदे ने मंत्रालय में समाचार चैनलों के प्रतिनिधियों को इंटरव्यू दिया।
इस अवसर पर श्री. रमेश शिंदे ने कहा , “बकरी ईद के मौके पर सोसायटियों में बकरे लाकर उन्हें काटा जाता है। इस दौरान खून मिला हुआ पानी आसपास के परिसर में बहा दिया जाता है। इससे बीमारियां फैलती हैं। प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
हिंदुओं के त्योहारों पर प्रदूषण का ढोंग रचने वाले अब कहां हैं?
होली, गणेशोत्सव आदि हिंदुओं के त्योहारों के समय हिंदी फिल्म उद्योग (बॉलीवुड) के कलाकार और प्रगतिशील (पुरोगामी) लोग प्रदूषण होने का ढोंग रचकर इसे रोकने की अपील करने के लिए आगे आते हैं। बकरी ईद पर पशुओं की अवैध हत्या और खून मिले पानी के कारण फैलने वाली बीमारियों के प्रकोप पर ये लोग आगे क्यों नहीं आते? ऐसा सवाल इस अवसर पर श्री. रमेश शिंदे ने उठाया।
समिति द्वारा विविध स्थानों पर ज्ञापन प्रस्तुति
सोलापूर

भोर (पुणे)









