“जिहादी, धर्मांतरण और गोहत्या मुक्त गोवा का निर्माण करें” – श्री टी. राजा सिंह, विधायक, भाग्यनगर

फोंडा – गोवा में अब जिहादियों की घुसपैठ हो चुकी है। गोवा की भूमि को जिहादियों का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए। गोवा में बांग्लादेशी रोहिंग्या घुस आए हैं। ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे जिहादियों में भय उत्पन्न हो। आज मौलवी भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं और यह एक अच्छी बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए, जिससे पूरे देश में गोहत्या पर प्रतिबंध लगाया जा सके। हिंदुओं की रक्षा केवल भगवा ही कर सकता है, ऐसा आवाहन भाग्यनगर के विधायक श्री टी. राजा सिंह ने किया। वे हिंदू जनजागृति समिति द्वारा ओल्ड बसस्थानक, फोंडा में आयोजित हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


विधायक श्री राजा सिंह ने आगे कहा, “यदि हिंदू जागृत हो जाए तो इतिहास बदल सकता है, यह पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों से एक बार फिर सिद्ध हो गया है। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित कर देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू किया जाना चाहिए। प्रत्येक हिंदू को सप्ताह में दो घंटे हिंदू धर्म के प्रचार हेतु देने चाहिए। हिंदू जनजागृति समिति द्वारा निःशुल्क सिखाए जा रहे स्वसंरक्षण प्रशिक्षण का लाभ लेना चाहिए। गोवा सरकार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों से प्रेरणा लेकर उसी दिशा में कार्य करना चाहिए। छत्रपति शिवाजी महाराज और धर्मवीर संभाजी महाराज का गोवा में किया गया कार्य उल्लेखनीय है। गोवा के ‘हात कातरो खांब’ जैसे संघर्षमय इतिहास की जानकारी पर्यटकों को दी जानी चाहिए। केवल गोवा के समुद्रतट ही देखने योग्य हैं, यह दृष्टिकोण बदलना होगा। गोवा में प्राचीन पवित्र मठ और मंदिर हैं। गोवा की संस्कृति अत्यंत प्राचीन है और इस ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया जाना चाहिए। गोवा के सोए हुए हिंदुओं को जागृत करना होगा। यदि हिंदू जागृत नहीं हुए, तो उनकी आने वाली पीढ़ियां समाप्त हो जाएंगी, यह बात उन्हें ध्यान में रखनी चाहिए।”

हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने कहा, “फोंडा में हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा होने से यहां सांप्रदायिक (कम्यूनल) समस्या उत्पन्न होगी, ऐसा दुष्प्रचार किया गया। यदि सत्य इतिहास प्रस्तुत किया जाए तो वह सांप्रदायिक कैसे हो सकता है? इतिहास चाहे अप्रिय हो, उसे जैसे घटित हुआ है वैसे ही बताया जाना चाहिए। गोमंतक का निर्माण करने वाले भगवान परशुराम ही वास्तविक ‘गोयचा सायब’ हैं। यदि हिंदुओं पर हुए अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, तो क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हुए हैं? गोवा में मराठी को राजभाषा का दर्जा देने की मांग उचित है। मराठी हमारी मातृभाषा है और हमें विदेशी भाषाएं नहीं चाहिए।”








